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तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण बुझ गए दो घरों के 'चिराग'

Mon, 18 Jun 2018 08:47 AM IST
रुद्रेश आर्य, अमर उजाला, देहरादून
रुद्रेश आर्य, अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 18 Jun 2018 08:47 AM IST
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two boy killed in road accident at dehradun
accident - फोटो : amar ujala

तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण शनिवार रात दो घरों के ‘चिराग’ सदा के लिए बुझ गए। देहरादून के प्रेगनगर में हुए सड़क हादसे का कारण भले ही तेज रफ्तार रहा हो, लेकिन छात्रों का हेलमेट नहीं पहनना उनकी मौत का असल कारण बना।

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हैरानी की बात यह है कि दोनों के पास हेलमेट थे, मगर पहना किसी ने नहीं। ट्रैक्टर की चपेट में आने के बाद दोनों के सिर पर गंभीर चोट लगी और उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया। बीएससी द्वितीय वर्ष के दोनों छात्र इकलौते बेटे थे। चौकी इंचार्ज, झाझरा शिशुपाल राणा ने बताया कि हादसे के वक्त दोनों के पास हेलमेट थे, अगर उन्होंने हेलमेट पहना होता तो शायद उनकी जिंदगी बच जाती। 
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प्रेमनगर सड़क हादसे में मारे गए छात्र जोशी आर जॉनसन के पिता जेआर जॉनसन का दक्षिण अफ्रीका में व्यवसाय है। वे इन दिनों केरल में ही थे। जैसे ही उन्हें हादसे का पता चला वे सीधे फ्लाइट पकड़कर देहरादून आ गए। जेआर जॉनसन बताते हैं कि जोशी उनका इकलौता पुत्र था। उसकी एक बड़ी बहन भी है, जिसका नाम फैनी है। इंटरमीडिएट के बाद उसने बीएससी वानिकी से करने की इच्छा जताई थी। दो साल पहले जब उसने देहरादून जाने को कहा तो बहन और परिजनों ने मना किया था।, लेकिन जब उसके कई दोस्तों ने यहां दाखिला लिया तो परिजनों ने उसे भी दून भेज दिया। मोर्चरी के बाहर खड़े जोशी के पिता ने आंसू भले ही रोक लिए हों, लेकिन वे अंदर से पूरी तरह टूट चुके हैं। बकौल जेआर जॉनसन उन्हें उम्मीद थी कि बेटा एक साल बाद पढ़ाई पूरी कर बिजनेस में उनका हाथ बंटाएगा, लेकिन इस हादसे ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। 
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कुछ इसी तरह का हाल पश्चिम बंगाल के छात्र ओलेकेंदू के घर का है। ओलेकेंदू दून पीजी कॉलेज से एग्रीकल्चर में बीएससी कर रहा था। ओलेकेंदू के दोस्त उत्पल बर्मन ने बताया कि ओलेकेंदू अपने घर में इकलौता था। उसकी न कोई बहन है और न भाई। पिता अलीपुर दुआर में ही दुकान चलाते हैं। पिता अतानू राहा रोज सुबह और शाम बेटे से बात करते थे। रविवार रात भी ओलेकेंदू ने अपने पिता से बात की थी। परीक्षा खत्म होने के कारण जल्द घर आने की बात कही थी। इसी बीच हादसा हो गया। उत्पल ने बताया कि ओलेकेंदू के पिता की दिल्ली से फ्लाइट थोड़ी लेट हो गई थी, इसलिए देर रात तक देहरादून पहुंचेंगे। 


फैनी से अब कभी बात नहीं कर पाएगा छोटा भाई 
जोशी जेआर जॉनसन की बड़ी बहन फैनी अपने पिता से बार-बार उसकी हालत जानना चाह रही है, लेकिन मोर्चरी के बाहर खड़े पिता उसे कोई न कोई बहाना बना टाल रहे हैं। दरअसल, पिता ने अभी तक जोशी के मौत की जानकारी परिजनों को नहीं दी है। ऐसे में बार-बार घर से जोशी की तबीयत पूछने को फोन आ रहे हैं। बहन फैनी को नहीं पता कि अब लाडला भाई कभी उससे बात नहीं कर पाएगा।

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