नोटबंदी: इनकम टैक्स की पड़ताल में खुलासा, 200 खातों में डाला गया दो अरब से ज्यादा कैश
- कुमाऊं में 10 लाख रुपये तक नगद जमा करने वाले खातों की हुई पड़ताल
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उत्तराखंड के कुमाऊं में नोटबंदी के दौरान खातों में मोटी रकम जमा हुई। यह रकम करोड़ों में नहीं बल्कि दो अरब में पहुंच गई। आयकर विभाग को दो सौ खातों की पड़ताल में भारी भरकम राशि जमा होने का पता चला है।
खाताधारकों को टैक्स जमा करने को कहा गया है। कई अन्य खातों की भी पड़ताल हो रही है। 2016 में नोटबंदी हुई थी। इसमें 500 और 1000 के नोटों को प्रचलन से बाहर करते हुए लीगल टेंडर न होने की घोषणा की गई थी।
तब बड़ी संख्या में लोगों ने बैंक के खातों में कैश जमा किया था। इसके बाद आयकर विभाग ने खातों की जांच शुरू की थी। आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार कुमाऊं में दो सौ खातों में ही करीब दो अरब रुपये जमा होने का पता चला।
कई ने नहीं दिया नोटिस का जवाब
इसमें उन खातों पर फोकस किया गया था, जिसमें उक्त अवधि में करीब दस लाख रुपये तक नगद जमा हुए। कुछ खातों में करोड़ तक भी जमा हुए हैं। परीक्षण के दौरान पता चला है कि जिन खातों में यह राशि जमा हुई है, उसमें ज्वैलर्स, उद्योगपति से लेकर अन्य तरह के लोग शामिल हैं। आयकर विभाग ने संबंधित खाताधारकों को नोटिस दिया गया और जांच के दौरान कई विसंगतियां मिली।
इसके बाद खाताधारकों ने जमा राशि पर 60 प्रतिशत टैक्स, 25 प्रतिशत सरचार्ज और 234- बी और 234-सी के तहत राशि जमा करने को कहा गया है, जो एक भारीभरकम राशि है। बताया जा रहा है कि कुछ खाताधारकों ने आयकर विभाग के नोटिस का जवाब भी नहीं दिया है। अपर आयकर आयुक्त गगन सूद के अनुसार संबंधित प्रकरणों में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।