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क्या है इन 20 बकरियों की मौत की वजह?
अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Thu, 29 May 2014 08:54 PM IST
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ग्राम पंचायत जसोली के खरकोटा-नैल गांव में अज्ञात बीमारी से बीस बकरियों की मौत हो गई। ग्रामीणों ने इस संबंध में सूचना पशुपालन विभाग को दी। इसके बाद विभागीय टीम गांव के लिए रवाना हो गई है।
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कई अन्य भी खतरे में
भाजपा के पूर्व जिला संयोजक भरत सिंह रावत, मंडल अध्यक्ष हरीश चौधरी, विजय जसोला और वीरेंद्र नेगी ने बताया कि गांव में अज्ञात बीमारी के कारण 20 बकरियों की मौत हो गई, जबकि कई इसकी चपेट में है।
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गांव में पशु चिकित्सा संबंधी कोई साधन न होने के कारण पशुपालक परेशान हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. रमेश चंद्र नितवाल ने बताया कि टीम ने गांव जाकर पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां दे दी हैं। बकरियों में पीपीआर वायरस के संक्रमण के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानी आई थी।
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पशु चिकित्सा केंद्र पर लगा है ताला
खरकोटा-नैल गांव के पशु चिकित्सा सेवा सुविधा के लिए तोलगांव लदोली में पशु सेवा केंद्र तो स्थापित किया गया है, लेकिन चिकित्सक और कर्मचारियों के न होने के कारण केंद्र पर हमेशा ताले लगे होते हैं। इस कारण किसी भी तरह की संक्रामक बीमारी के कारण कई पशुओं की मौत हो जाती है।
उन्होंने पशु सेवा केंद्र में नियमित चिकित्सक और स्टाफ की तैनाती करने की मांग की है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. नितवाल ने बताया कि स्टाफ और चिकित्सक की तैनाती के संबंध में निदेशालय को पत्र लिखा गया है।