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विरासत में धोखा, शशि थरूर को नहीं आती हिंदी
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 25 Oct 2013 11:43 PM IST
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गुलाब बाई की नौटंकी देखने विरासत पहुंचे सैकड़ों लोग फिर छले गए। तय कार्यक्रम के अनुसार नौटंकी नहीं हो सकी। इस दौरान काफी देर तक मंच खाली रहा और लोग इंतजार करते रहे।
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विरासत कार्यक्रम के आठवें दिन भी आयोजकों की व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। यहां न तो कार्यक्रम समय पर हो रहे हैं, न ही तय शेड्यूल के अनुसार। शुक्रवार की शाम यहां गुलाब बाई की नौटंकी प्रस्तावित थी।
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इंतजार के बाद लोग लौट गए
बड़ी संख्या में लोग नौटंकी देखने पहुंचे थे, लेकिन आयोजन नहीं हुआ। खास बात यह रही कि आयोजकों ने दर्शकों को जानकारी तक नहीं दी। काफी देर इंतजार के बाद कई लोग लौट गए।
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इससे पूर्व बृहस्पतिवार को भी आर्केस्ट्रा का कार्यक्रम तय था, लेकिन यह नहीं हुआ। वहीं, रम्माण और छोलिया की प्रस्तुति भी विरासत में नहीं हो सकी।
मोहन वीणा पर झूमे श्रोता
विरासत में शुक्रवार की शाम ग्रैमी अवार्ड विजेता विश्वमोहन भट्ट के नाम रही। भट्ट ने मोहन वीणा पर सुरों की जो तान बिखेरी, उसने श्रोताओं को देर रात तक झुमाए रखा। भट्ट ने मधुवंती और शिवरंजनी राग के मिश्रण विश्वरंजनी की प्रस्तुति दी तो माहौल सुरमयी हो गया। उन्होंने विलंबित ख्याल में द्रुतगति से अलग-अलग मूड को प्रदर्शित किया।
भट्ट को भी मंच से उतारा
पंडित विश्व मोहन भट्ट प्रस्तुति के लिए मंच पर बैठ गए थे। तबले पर उनका साथ देने वाले हिमांशु महंत संग वह तैयारी कर रहे थे कि आयोजकों ने उन्हें मंच से उतार दिया। दरअसल, आयोजन में केंद्रीय राज्य मंत्री शशि थरूर को आना था, लेकिन भट्ट के मंच पर आने तक वह नहीं आ सके थे। ऐसे में आयोजकों ने भट्ट को इशारा कर उनके इंतजार तक कुछ खा लेने के लिए कहा। बाद में मंत्री पहुंचे तो भट्ट की प्रस्तुति शुरू हुई।
माफ कीजिए मुझे हिंदी नहीं आती
शशि थरूर मंच पर आए तो बोले, माफ कीजिए मुझे इतनी हिंदी नहीं आती कि इस महान संगीतकार (पंडित भट्ट) के बारे में हिंदी में बोल सकूं। इसके बाद उन्होंने अंग्रेजी में भट्ट की तारीफ की और संस्था का आभार जताया।
आग लगी तो कहां जाएंगे
विरासत के पहले दिन आयोजकों ने मंच से आपात स्थिति में दो गेट होने की सूचना दी थी, लेकिन अब ये दोनों गेट बंद कर दिए गए हैं। अब आयोजन स्थल पर भीतर जाने और बाहर आने का एक ही रास्ता है।
ऐसे में अगर कोई हादसा हुआ तो लोगों को बाहर निकलने में खासी परेशानी हो सकती है। खास बात यह है कि कार्यक्रम में बिजली व्यवस्था के लिए खुले में कनेक्शन दिए गए हैं। यहां खुले तार लटक रहे हैं, इसे कवर तक नहीं किया गया है। इन तारों के पास ही बच्चों के लिए झूले लगाए गए हैं। ऐसे में यहां हादसे की आशंका बनी हुई है।
विरासत में आज
अदिति रवि का बांसुरी वादन- शाम 6 बजे
बिहार और मध्य प्रदेश के कलाकारों का नृत्य- 7 बजे
मीर मुख्तियार अली की प्रस्तुति- रात 8 बजे