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चारधाम यात्रा 2019: तीर्थयात्रियों के लिए ऋषिकेश में बनेगा ट्रांजिट कैंप, नहीं होगी कोई परेशानी
Wed, 03 Apr 2019 05:00 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 03 Apr 2019 05:00 AM IST
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चार धाम
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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चारधाम यात्रा पर आने वाले देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं को ऋषिकेश में ठहरने की दिक्कत न हो, इसके लिए 15 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त ट्रांजिट कैंप बनाया जाएगा। ट्रांजिट कैंप के निर्माण पर 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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इस खर्च का आधा उत्तराखंड पर्यटन विभाग और आधा टिहरी हाइड्रो डेवलपमेेंट कारपोरेशन (टीएचडीसी) वहन करेगा। विभागीय अधिकारियों की मानें तो ट्रांजिट कैंप के निर्माण की जिम्मेदारी सरकारी एजेंसी ब्रिडकुल को सौंपी गई है।
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उल्लेखनीय है कि चारधाम यात्रा हरिद्वार व ऋषिकेश से शुरू होती है। चारधाम यात्रा के तीर्थयात्रियों को ठहरने की दिक्कत न हो, इसके लिए जीएमवीएन की ओर से चारधाम यात्रा मार्ग पर 50 से अधिक अतिथिगृहों का निर्माण किया गया है, लेकिन हरिद्वार व ऋषिकेश में ठहरने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
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देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को दोनों ही शहरों में निजी होटलों, धर्मशालाओं में ठहरना होता है। कई बार यात्रियों को इनमें जगह नहीं मिलने की स्थिति में रेलवे स्टेशनों व बस अड्डों में शरण लेनी पड़ती है। तीर्थयात्रियों की इन्हीं समस्याओं को देखते हुए अब सरकार ने ऋषिकेश में 15 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रांजिट कैंप बनाने का निर्णय लिया है।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के वरिष्ठ शोध अधिकारी एसएस सामंत के मुताबिक ट्रांजिट कैंप के निर्माण पर आने वाले कुल खर्च 15 करोड़ का 50 फीसदी टीएचडीसी और आधा पर्यटन विभाग वहन करेगा।
प्रस्तावित ट्रांजिट कैंप की डीपीआर भी तैयार कर ली गई है। ट्रांजिट कैंप के निर्माण की जिम्मेदारी ब्रिडकुल को सौंपी गई है। ट्रांजिट कैंप का निर्माण दो साल में पूरा किया जाएगा। फिलहाल ट्रांजिट कैंप के निर्माण होने तक यात्रियों को वर्तमान व्यवस्थाओं के भरोसे ही रहना होगा।