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Uttarakhand: तीर्थनगरी में 2100 से ज्यादा की बधाई नहीं ले सकेंगे किन्नर, मुंह मांगा पैसा मांगने पर था विवाद

Tue, 12 May 2026 02:28 PM IST
Renu Saklani संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश Published by: Renu Saklani Updated Tue, 12 May 2026 02:28 PM IST
सार

अब तीर्थनगरी में किन्नर बधाई रकम तय अनुसार ही लेंगे। किन्नर, युवक की शादी, बच्चे के जन्म होने, अन्य खुशियों के त्योहारों पर मुंह मांगा पैसा मांगते हैं। जो लोग किन्नरों की मांग के अनुरूप पैसे नहीं दे पाते वहां पर हंगामा कर देते हैं। इससे कई बार मारपीट और झगड़े की नौबत आती है।

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Transgender individuals will not be able to accept badhai customary exceeding ₹2,100 Rishikesh News
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Istock

विस्तार

नगर निगम में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें कई प्रस्तावों पर मुहर लगी। तीर्थनगरी में अब शादी ब्याह, बालक के जन्म और अन्य त्योहारों पर किन्नर 2100 रुपये से ज्यादा बधाई नहीं ले सकेंगे। पार्षदों को दिए जाने वाले भत्ते पर भी सहमति बनी। नगर निगम प्रशासन भत्ते की फाइल को शासन को भेजेगा।

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शासन से अनुमति मिलने के बाद पार्षदों को भत्ता मिलना शुरू होगा। नगर निगम में बैठक 11:30 बजे शुरू हुई। बैठक में पार्षद अभिनव सिंह मलिक की ओर से 2100 रुपये बधाई का प्रस्ताव रखा गया। जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
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पार्षद ने कहा कि कई बार किन्नर, युवक की शादी, बच्चे के जन्म होने, अन्य खुशियों के त्योहारों पर मुंह मांगा पैसा मांगते हैं। जो लोग किन्नरों की मांग के अनुरूप पैसे नहीं दे पाते वहां पर हंगामा कर देते हैं। इससे कई बार मारपीट और झगड़े की नौबत आती है।

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वेंडर बड़ी रकम देने में सक्षम नहीं
वहीं सभी 40 पार्षदों के लिए बैठक में पर्याप्त स्थान नहीं दिए जाने पर कुछ पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार किया। नगर आयुक्त की ओर से समझाने के बाद अन्य फर्नीचर मंगाने पर पार्षद बैठक में बैठे। पार्षद लव कांबोज ने सीमा डेंटल क्षेत्र में स्थित वेंडरों से तहबाजारी शुल्क वसूलने के लिए सभी 44 वेंडरों से 21 हजार रुपये वसूलने के नोटिस का विरोध किया। उन्होंने कहा कि नगर निगम को समय-समय पर तहबाजारी वसूल की जानी चाहिए थी।



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वेंडर इतनी बड़ी रकम देने में सक्षम नहीं हैं। तहबाजारी न वसूलने के लिए नगर निगम का कर अनुभाग जिम्मेदार है। सभी वेंडर अप्रैल 2026 से तहबाजारी शुल्क जमा कर रहे हैं। बैठक में कुछ पार्षदों ने क्षेत्र निराश्रित पशुओं को गौशाला में शिफ्ट करने, आवारा कुत्तों से परेशानी, स्ट्रीट लाइटों की दुरुस्त करने, सड़कों की स्थिति सुधारने आदि की मांग की।

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