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चोरी का वाहन गुजरते ही कंट्रोल रूम को बताएंगे ट्रैफिक सिग्नल
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चोरी किया हुआ वाहन जैसे ही ट्रैफिक सिग्नल से गुजरेगा उसकी सूचना मैसेज के माध्यम से पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी। यह सब स्मार्ट सिटी के अटाप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम के ऑटोमेटिक मोड में आने के बाद होगा। अभी यह सिस्टम ट्रेनिंग मोड में चल रहा है। यही कारण है कि इन दिनों ट्रैफिक सिग्नल पर टाइमिंग को लेकर समस्या आ रही है।
यह सब बातें शुक्रवार को निदेशक यातायात मुख्तार मोहसिन और स्मार्ट सिटी के अधिकारियों की बैठक में हुईं। निदेशक ने बताया कि विभिन्न चौराहों पर टाइमिंग को लेकर शिकायतें आ रही थीं। बैठक में पता चला कि यह सब अभी स्मार्ट सिटी के अटाप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम के पूरी तरह से चालू न होने के कारण हो रहा है। यह सिस्टम ट्रैफिक के दबाव के के अनुसार ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग नियंत्रित करता है। मसलन, जिस मार्ग की ओर अधिक ट्रैफिक होगा उस तरफ ग्रीन सिग्नल ऑटोमैटिक ही अधिक हो जाएगा।
इसमें एफडी रडार की सहायता से सघनता को इकट्ठा करता है। इसके साथ ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे भी जोड़े गए हैं। अधिकारियों से चर्चा कर निदेशक ने बताया कि यह सिस्टम अभी ट्रेनिंग मोड में है। अभी यह शहर के विभिन्न चौराहों के यातायात दबाव का आंकलन कर रहा है। अधिकारियों ने पुलिस को बताया कि यह अक्तूबर माह से पूरी तरह ऑटोमेटिक तरीके से संचालन में आ जाएगा। इसके बाद यह सिस्टम चोरी के वाहन यहां से गुजरेंगे तो स्वत: ही इसकी जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दे देगा। अक्तूबर से ही सारे सिग्नल सही तरीके से काम भी करने लग जाएंगे।
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यह सब बातें शुक्रवार को निदेशक यातायात मुख्तार मोहसिन और स्मार्ट सिटी के अधिकारियों की बैठक में हुईं। निदेशक ने बताया कि विभिन्न चौराहों पर टाइमिंग को लेकर शिकायतें आ रही थीं। बैठक में पता चला कि यह सब अभी स्मार्ट सिटी के अटाप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम के पूरी तरह से चालू न होने के कारण हो रहा है। यह सिस्टम ट्रैफिक के दबाव के के अनुसार ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग नियंत्रित करता है। मसलन, जिस मार्ग की ओर अधिक ट्रैफिक होगा उस तरफ ग्रीन सिग्नल ऑटोमैटिक ही अधिक हो जाएगा।
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इसमें एफडी रडार की सहायता से सघनता को इकट्ठा करता है। इसके साथ ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे भी जोड़े गए हैं। अधिकारियों से चर्चा कर निदेशक ने बताया कि यह सिस्टम अभी ट्रेनिंग मोड में है। अभी यह शहर के विभिन्न चौराहों के यातायात दबाव का आंकलन कर रहा है। अधिकारियों ने पुलिस को बताया कि यह अक्तूबर माह से पूरी तरह ऑटोमेटिक तरीके से संचालन में आ जाएगा। इसके बाद यह सिस्टम चोरी के वाहन यहां से गुजरेंगे तो स्वत: ही इसकी जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दे देगा। अक्तूबर से ही सारे सिग्नल सही तरीके से काम भी करने लग जाएंगे।
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