अब ट्रैफिक नियम तोड़ने पर पर्ची नहीं, SMS पर मिलेगा चालान
अब यातायात नियम तोड़ने पर पर्ची नहीं बल्कि चालान का एसएमएस आएगा। देश के किसी भी हिस्से में किए गए चालान का भुगतान कहीं से भी ऑनलाइन किया जा सकेगा।
उत्तराखंड में पहली बार ई-चालान सिस्टम 15 मार्च से शुरू होने जा रहा है। वर्तमान में यह व्यवस्था दिल्ली, चंडीगढ़ के साथ उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों में चल रही है।
परिवहन विभाग की टीम जल्द सड़कों पर वाहनों का ई-चालान करते नजर आएगी। चालान करते ही वाहन की पूरी डिटेल सेंट्रल कॉमन सर्वर में अपडेट हो जाएगी। इसी के साथ वाहन स्वामी के पास मैसेज आ जाएगा। जिसके जरिये वह कहीं से भी चालान का भुगतान कर सकेंगे।
इसके लिए उन्हें परिवहन विभाग के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। भुगतान का मैसेज भी वाहन स्वामी के पास पहुंचेगा। एआरटीओ प्रशासन अरविंद कुमार पांडेय के मुताबिक परिवहन विभाग इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। करीब 15 मार्च से वाहनों का ऑनलाइन चालान कटना शुरू हो जाएगा।
एनआईसी (नेशनल इन्फार्मेशन सेंटर) ने ई चालान नाम से वाहन-4 और सारथी लाइसेंस धारकों का सेंट्रल कॉमन वाहन सर्वर तैयार किया है। जिसका ट्रायल अंतिम चरण में है। परिवहन विभाग वर्तमान में वाहनों का मैनुअल चालान काटता है। जिसके चलते यह पता लगाना मुश्किल होता है कि किस वाहन का चालान कितनी बार कटा।
ऐसे में अधिकारियों को भी काफी परेशानी होती है। महकमे ने इस पर अंकुश लगाने के लिए ऑनलाइन चालान काटने की प्रक्रिया पर जनवरी से काम शुरू किया, जो अब अंतिम चरण में है। इस दौरान जो भी दिक्कतें आईं, महकमा उन्हें दूर कर रहा है।
वाहन-4 के जरिये मिलेगा ट्रेड सर्टिफिकेट
एआरटीओ अरविंद पांडेय ने बताया कि डीलरों को ट्रेड सर्टिफिकेट वाहन-4 के जरिये दिए जाएंगे। इससे डीलरों को काफी राहत मिलेगी।
बीते दिनों परिवहन विभाग की टीम को दिल्ली में इसका प्रशिक्षण दिया गया। जिसे जल्द धरातल पर उतारा जाएगा। मार्च के दूसरे सप्ताह तक ई-चालान शुरू हो जाएगा।
- अरविंद कुमार पांडेय, एआरटीओ, प्रशासन