भारी बर्फबारी के बीच बनियाकुंड में फंसे 51 पर्यटकों में से 15 को सकुशल निकाला
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भारी बर्फबारी के चलते बनियाकुंड में फंसे 51 पर्यटकों में से 15 को बुधवार को पुलिस और जिला आपदा प्रबंधन की टीम ने सुरक्षित निकाल लिया। अन्य 36 पर्यटकों को निकालने के लिए बृहस्पतिवार को रेस्क्यू दल फिर रवाना होगा।
ये पर्यटक बर्फबारी का लुत्फ उठाने दो दिन पूर्व चोपता और दुगलबिट्टा आए थे। कुंड-ऊखीमठ-चोपता-मंडल हाईवे पर 20 किलोमीटर के हिस्से में बर्फ जमी हुई है, जिससे रेस्क्यू दल को बनियाकुंड तक पहुंचने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।
पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार रविवार को मुंबई से 29 और दिल्ली, नोएडा, राजस्थान व गुरुग्राम से 22 पर्यटक अलग-अलग समूहों में चोपता, दुगलबिट्टा घूमने गए थे, लेकिन भारी बर्फबारी के चलते ये लोग बनियाकुंड में ही फंस गए। बर्फ से घिरने पर पर्यटकों ने फोन से इसकी सूचना परिजनों को दी, जिस पर मुंबई से एक महिला ने रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन को स्थिति से अवगत कराया।
इसके बाद डीएम के आदेश पर बुधवार को जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी हरीश चंद्र शर्मा और ऊखीमठ थानाध्यक्ष होशियार सिंह पंखोली के नेतृत्व में 10 सदस्यीय दो रेस्क्यू टीमें मौके के लिए रवाना हुईं।
बर्फबारी के बीच रेस्क्यू दल के सदस्य कुंड-ऊखीमठ-चोपता-मंडल-गोपेश्वर हाईवे पर ताला-मस्तूरा से 20 किमी पैदल चलकर बनियाकुंड पहुंचे। यहां मौजूद 15 पर्यटकों को पुन: पैदल मस्तूरा तक लाया गया। इसके बाद वाहन से ऊखीमठ पहुंचाया गया।
थानाध्यक्ष पंखोली ने बताया कि अब भी 36 पर्यटक बनियाकुंड में फंसे हुए हैं, जिन्हें बृहस्पतिवार को रेस्क्यू किया जाएगा। उधर, प्रशासन द्वारा बताया गया कि मुंबई के 29 सदस्यीय पर्यटक दल में 26 स्कूली छात्र, दो टूर ऑपरेटर और एक बस चालक शामिल है। शेष 22 पर्यटक दिल्ली, नोएडा, राजस्थान व गुरुग्राम के हैं।
जो पर्यटक अब भी बनियाकुंड में हैं, उन्हें चोपता तक आने को कहा गया है। यहां पर रहने और खाने की व्यवस्था है। गुरुवार को पर्यटकों को वापस लाया जाएगा।
- हरीश शर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी