इस लड़की ने दोहराई 'टॉयलेट-एक प्रेम कथा' की कहानी, जानिए
बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार की 'टॉयलेट-एक प्रेम कथा'फिल्म रिलीज होने वाली है। इससे पहले ही इस फिल्म की उत्तराखंड की इस लड़की ने दोहरा दी। पढ़ेंगे तो इस लड़की को करेंगे सलाम...
मामला उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद स्थित किशनपुर का है। यहां भाबर की ग्राम पंचायत लोकमणीपुर के शीतलपुर गांव निवासी एक नवविवाहिता ने घर में शौचालय न होने पर अपना ससुराल छोड़ दिया।
साथ ही पति को चेतावनी दे डाली कि जब तक घर में शौचालय नहीं तब तक वह नहीं लौटेगी। बेचारा पति क्या करता, क्या न करता। वह घर में टॉयलेट बनाने को जुटा है।
जहां एक ओर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छ भारत मिशन के तहत देशवासियों को घर-घर में शौचालय बनवाने पर जोर दे रहे हैं, वहीं भाबर के लोकमणीपुर ग्राम पंचायत के शीतलपुर समेत कई गांवों में आज भी लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं।
डेढ़ महीने तक दिया पति को समय फिर छोड़ आई ससुराल, पढ़ें यह सच्चाई
लेकिन एक नवविवाहिता ने शौचालय न होने पर बगावत की ठान ली। ग्रामीणों के अनुसार शीतलपुर गांव निवासी हरीश सिंह की गत अप्रैल माह में शादी हुई थी। बीपीएल श्रेणी के हरीश की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि शौचालय बनाने के लिए उसके पास धेला तक नहीं है।
डेढ़ महीने पहले उसकी शादी शहदपुरी, बिजनौर निवासी सोनिया से हुई। ससुराल में आने के बाद उसकी पत्नी सोनिया को जब पता चला कि उसके पति के घर में शौचालय नहीं है तो उसने पति से शौचालय बनवाने की जिद की।
जब पति ने खराब आर्थिक स्थिति का हवाल दिया तो वह आठ जून को रूठकर मायके चली गई। जाते हुए सोनिया ने अपने पति से कहा कि वह जब तक घर में शौचालय नहीं बनेगा, तब तक ससुराल नहीं लौटेगी।
हरीश को है पत्नी से पहले शौचालय का इंतजार
हरीश ने बताया उसने ग्राम प्रधान के पास शौचालय बनवाने का आग्रह किया था। ग्राम प्रधान पूनम मेहरा की ओर से हरीश को आश्वासन दिया गया कि यदि वह भूमि उपलब्ध करवाता है तो उसके घर के पास सार्वजनिक शौचालय बनवाया जा सकता है।
हरीश ने सहर्ष भूमि भी उपलब्ध करवा दी। धनावंटन की प्रत्याशा में शौचालय के लिए गड्ढा खोदकर पिट भी तैयार कर दिया गया है, लेकिन शौचालय का पैसा ग्राम पंचायत तक नहीं पहुंच सका है। प्रधान का कहना है कि पैसा मिलते ही काम पूरा करवा दिया जाएगा।