Corona in Uttarakhand: 24 घंटे में मिले 78 नए संक्रमित, एक भी मरीज की नहीं हुई मौत
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उत्तराखंड में पिछले 24 घंटों में 78 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। राहत वाली बात यह है कि पिछले 24 घंटे के भीतर राज्य में कोरोना संक्रमण से कोई मौत नहीं हुई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक शनिवार को 38 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हुए हैं। वहीं अभी भी राज्य में 596 मरीज सक्रीय हैं। राज्य में कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 97363 है। अभी तक कुल 93667 मरीज ठीक हो चुके हैं। कुल 1694 मरीजाें की मौत कोरोना से हुई है।
केदारनाथ आने वाले प्रत्येक यात्री को लगेगा कोरोना का टीका
आगामी केदारनाथ यात्रा पर आने वाले प्रत्येक यात्री को कोरोना का टीका लगाया जाएगा। कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए केदारनाथ समेत मद्महेश्वर, तुंगनाथ और हेमकुंड साहिब आने वाले यात्रियों का भी कोरोना टीकाकरण किए जाने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश सरकार व देवस्थानम बोर्ड ने यात्रा में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सिक्स सिग्मा संस्था को पत्र लिखा है।
हम मास्क पहनेंगे, श्रद्धालु भी पहनकर आएं: त्रिपाठी
हरिद्वार कुंभ को दिव्य, भव्य और कोरोना मुक्त बनाने के लिए किन्नर अखाड़े ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने श्रद्धालुओं से मास्क पहनने की अपील है।
किन्नर अखाड़े की शाही पेशवाई के दौरान संतों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का समूह सड़कों पर उतर आया था। अब किन्नर अखाड़े के संतों की एक झलक देखने के लिए जूना अखाड़ा की छावनी में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में कोरोना संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है।
इसलिए किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने श्रद्धालुओं से कुंभ के दौरान कोरोना सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। डॉ. लक्ष्मी नारायण शनिवार को विडियो जारी कर कहा कुंभ में कोरोना संक्रमण का फैलाव होना काफी घातक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा दिव्य, भव्य और कोरोना मुक्त कुंभ के लिए सभी श्रद्धालुओं का मास्क पहनना जरूरी है।
15 हजार फीट ऊंचाई तक पहुंचकर जवानों को लगाया कोरोना का टीका
गोपेश्वर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 15 हजार फीट ऊंचाई तक पहुंचकर चीन सीमा पर तैनात आईटीबीपी के जवानों को कोरोना का टीका लगाया। टीकाकरण के लिए टीम बर्फ के बीच अग्रिम चौकी गमशाली तक गई, जबकि कुछ चेक पोस्ट से जवान टीकाकरण के लिए मलारी पहुंचे थे। दो दिन तक चले अभियान में 500 से अधिक जवानों को कोरोना का टीका लगा।
सीमा पर तैनात जवानों को टीकाकरण के लिए कोविड सेंटर में बुलाना व्यावहारिक नहीं था, जिसके चलते डीएम स्वाति एस भदौरिया के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने तीन-तीन सदस्यों और एक डॉक्टर की टीम को दो दिनों के लिए मलारी भेजा।
टीम रैणी में ट्रॉली से सामग्री लेकर नदी पार कर वाहनों से मलारी पहुंची, जहां 30 से 35 किमी पैदल वाली पोस्ट से जवान टीकाकरण के लिए पहुंचे। यहां 225 से अधिक जवानों का टीकाकरण किया गया।
दूसरे दिन मौसम खराब होने और बर्फ के कारण अग्रिम चौकी से जवानों का मलारी पहुंचना मुश्किल था। निर्णय लिया गया कि टीम को अग्रिम पोस्ट पर भेजा जाए। सुरक्षा बलों के वाहन से टीम के पांच सदस्य भारी बर्फ के बीच गमशाली पोस्ट पर पहुंचे, जहां करीब 30 जवानों को कोरोना का टीका लगाया गया। पूरे अभियान में 15 हजार फीट ऊंचाई पर लपथल पोस्ट में 55, छुजन में 35, संजूतला में 35 सहित सुमना और मलारी में 500 से अधिक जवानों का टीकाकरण किया गया।
वहीं आईटीबीपी के डिप्टी कमांडेंट एचएस गुरुंग ने जवानों के टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग का आभार जताया। स्वास्थ्य विभाग की टीम में चिकित्सा अधिकारी डा. हरीश थपलियाल, जिला वैक्सीन कोल्ड चेन प्रबंधक महेश देवराडी, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी उदय रावत, एएनएम लक्ष्मी, कौशल्या, अनिता और बीपीएम विनय बहुगुणा शामिल थे।