फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand: Tigress Life in danger Due to Wire Stuck around her neck in khatima

गले में तार का फंदा जकड़े होने से सांसत में बाघिन की जान, नहीं हो पा रही ट्रैंक्यूलाइज 

Sun, 23 Feb 2020 08:19 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खटीमा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खटीमा Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 23 Feb 2020 08:19 PM IST
सार

  • ट्रैंक्यूलाइज करने के लिए मुर्गे, बकरियों और कुत्ते तक को बांधा
  • सुरई रेंज में अपने दो शावकों के साथ घूम रही बाघिन, पकड़ में नहीं आ रही बाघिन 

विज्ञापन
Uttarakhand: Tigress Life in danger Due to Wire Stuck around her neck in khatima
बाघिन - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड के खटीमा में सुरई रेंज के जंगल में गले में तार का फंदा जकड़े होने से एक बाघिन की जान सांसत में है। विश्व प्रकृति निधि (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) की टीम इसको फंदा मुक्त करने के लिए बाघिन को ट्रैंक्यूलाइज करने की कोशिश में है लेकिन बाघिन ट्रेंक्यूलाइजिंग गन के निशाने पर नहीं आ रही है।

विज्ञापन


वन विभाग और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम मचान बनाने के साथ ही कई जगहों पर मुर्गे, बकरियों, कुत्तों आदि बांधकर बाघिन को ट्रेंक्यूलाइजिंग गन के निशाने पर लेने की कोशिश कर चुकी है लेकिन बाघिन किसी लालच में नहीं रही है।
विज्ञापन


वह मचान से फासला बनाकर निकल जाती है। जानकार बाघिन को फिलहाल स्वस्थ बता रहे हैं। बाघिन की उम्र करीब 10 से 15 साल के बीच बताई गई है। उसके साथ उसके दो बच्चे भी घूम रहे हैं जिनकी सुरक्षा को लेकर वन महकमे की नींद उड़ी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुरई रेंज में दो शावकों के साथ घूम रही बाघिन को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम पशु चिकित्सकों के साथ ट्रेक्यूलाइज करने में जुटी है। ठंड में बाघिन को इतनी परेशानी नहीं थी, लेकिन अब गर्मी बढ़ने के साथ ही गले का फंदा बाघिन को नुकसान पहुंचा सकता है। फिलहाल बाघिन और उसके बच्चे स्वस्थ हैं।
- बाबू लाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी

बैजनाथ रेंज में मादा तेंदुए की निमोनिया से मौत

बैजनाथ रेंज के लौबांज गांव में रविवार को एक मादा तेंदुआ खेत में मृत पड़ा मिला। तेंदुए की निमोनिया से मौत होनी बताई जा रही है। वन विभाग ने पोस्टमार्टम के बाद शव को जलाकर नष्ट कर दिया। 

लौबांज के ग्रामीणों को रविवार सुबह खेत में तेंदुआ दिखा। इससे ग्रामीण दहशत में आ गए। ग्रामीणों ने हल्ला कर उसे भगाने का प्रयास किया, लेकिन तेंदुआ अपनी जगह से हिला तक नहीं। इस पर ज्येष्ठ उप ब्लॉक प्रमुख बहादुर सिंह कोरंगा ने वन रेंजर बैजनाथ को इसकी सूचना दी।

वन रेंजर हरीश खर्कवाल वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम मृत तेंदुए को रेंज कार्यालय ले आई। यहां वन विभाग के पशु चिकित्सा अधिकारी पीके पाठक से तेंदुए का पोस्टमार्टम किया।

बताया कि मादा तेंदुए की उम्र करीब छह साल है। शरीर पर किसी तरह के घाव के निशान नहीं मिले। उसकी निमोनिया से मौत हुई है। इसके बाद शव को जलाकर नष्ट कर दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed