फिल्म विकास परिषद का उपाध्यक्ष बनने से तिग्मांशु का इनकार, आखिर क्यों?
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प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने एक दिन पहले गठित हुई फिल्म विकास परिषद का उपाध्यक्ष बनने से इनकार कर दिया है। उपाध्यक्ष बनाए जाने पर सरकार का आभार जताने के साथ ही उन्होंने इस पद पर काम ना करने की इच्छा भी व्यक्त की। उनके इस निर्णय के पीछे परिषद में पहले दिन शुरू हुई राजनीति को मुख्य कारण माना जा रहा है।
शुक्रवार को ही प्रदेश में मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में फिल्म विकास परिषद का गठन किया गया। इसमें प्रसिद्ध बालीवुड फिल्म निर्देशक तिग्मांशु धूलिया और फिल्म अभिनेता हिमांशु पांडे को उपाध्यक्ष बनाया गया था।
एक सदस्य ने किया तिग्मांशु के अधीन काम करने से ऐतराज
वहीं नरेंद्र सिंह नेगी समेत कुमाऊंनी, गढ़वाली व आंचलिक सिनेमा से जुड़े 15 सदस्य बनाए गए। लेकिन शनिवार सुबह से ही इस मामले में राजनीति शुरू हो गई।
सदस्य बनाए गए मनीष वर्मा ने तिग्मांशु धूलिया और हेमंत पांडे के अधीन काम करने से इनकार करते हुए पद लेने से इनकार कर दिया। वहीं कुछ अन्य सदस्य भी खुद को उपाध्यक्ष बनाए जाने को लेकर सरकार पर दबाव बनाने लगे।
जैसे ही इसकी जानकारी मुंबई में शूटिंग में व्यस्त तिग्मांशु धूलिया को मिली, उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ बातचीत की और उपाध्यक्ष पद संभालने से इनकार कर दिया।
सरकार को जताया आभार पर पद लेने से इनकार
उन्होंने आधिकारिक पत्र भेजकर इस पद पर काम करने में असमर्थता जताई। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि उत्तराखंडी होने के नाते परिषद का उपाध्यक्ष बनाए जाने पर उन्हें खुशी हुई, जिसके लिए वह सरकार का आभार जताते हैं।
उन्होंने कहा कि पद स्वीकार करने में वह खुद को असहज महसूस कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने साफ किया कि उनके इस निर्णय का उनके काम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वह भविष्य में भी प्रदेश को प्रमोट करने और विकास में सहयोग करने को प्रयत्नशील रहेंगे।