{"_id":"d4474a962ea875019c16e4889059501f","slug":"tiger-terror-in-kalagarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क पर घूम रहे बाघ-बाघिन, जनता में दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क पर घूम रहे बाघ-बाघिन, जनता में दहशत
अमर उजाला, कालागढ़/कोटद्वार
Updated Wed, 12 Mar 2014 07:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कालागढ़ क्षेत्र में बाघों की मूवमेंट से क्षेत्रवासियों में दहशत बनी है। डोसरसैड, सूखास्रोत और भिक्कावाला मार्गों पर लापरवाही से आवाजाही करना खतरनाक साबित हो सकता है।
विज्ञापन
पढ़ें, ...तो एनडी तिवारी लड़ेंगे सपा से चुनाव!
विज्ञापन
वन विभाग को इन मार्गों पर बाघ, बाघिन और गुलदार की चहलकदमी के निशान मिले हैं। अधिकारियों ने क्षेत्र में गश्त तेज करने के साथ ही समीपवर्ती ग्रामीणों को जंगल का रुख न करने की सलाह दी है।
विज्ञापन
बाघ की दहशत से कामकाज ठप्प
इन दिनों कालागढ़ के रामगंगा बांध के इलाके में एक बाघ की चहलकदमी से दहशत बनी है। हालात यह हैं कि बांध क्षेत्र में कामकाज तक ठप है।
पढ़ें, बिगड़ैल मौसम ने बढ़ाई पहाड़ की मुश्किल
बीते दिन डोजरसैड के निकट बाघ को देखकर मजदूरों में दहशत हो गई। वे काम छोड़कर भाग खड़े हुए।
रोज दिख रहे पंजों के निशान
स्थानीय निवासी राजबहादुर और सतीश ने बताया कि सूखास्रोत में भिक्कावाला को जाने वाले रास्ते में बाघ, बाघिन और गुलदार के पंजे रोज दिखाई दे रहे हैं।
पढ़ें, होली महोत्सव में दिखा सीएम हरीश का अलग रंग
बावजूद इसके वन विभाग की ओर से यहां कोई सुरक्षा प्रबंध और गश्त नहीं हो रही है। स्कूलों में पढ़ने आने वाले ग्रामीण इलाकों के बच्चे भी इसी रास्ते का प्रयोग करते हैं।
इनका है कहना
वन क्षेत्राधिकारी भारत सिंह सजवाण का कहना है कि क्षेत्र में वन्यजीवों की चहलकदमी रहती है। ग्रामीणों को वन क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। गश्ती दलों को सक्रिय गश्त करने को कहा गया है कि ताकि कहीं कोई घटना न हो।