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उत्तराखंड: गंगा किनारे हरिद्वार से श्रीनगर तक वैकल्पिक मार्ग के तीन प्रस्ताव, जाम की समस्या से मिलेगी निजात

Thu, 06 Apr 2023 12:32 PM IST
रेनू सकलानी विनोद मुसान, अमर उजाला, देहरादून
विनोद मुसान, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 06 Apr 2023 12:32 PM IST
सार

वैकल्पिक मार्ग के यह तीन विकल्प शासन के निर्देश पर पौड़ी जिला प्रशासन ने सुझाए हैं। यह मार्ग बदरीनाथ हाईवे पर ऋषिकेश से 26 किमी आगे माला स्थान से शुरू होगा। यहां 150 मीटर स्पान का एक पुल बनाना पड़ेगा। इसके बाद यह मार्ग माला से सिंगटाली, व्यासघाट, देवप्रयाग, जनासू से होते हुए श्रीनगर तक जाएगा।

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Three proposals for an alternative route from Haridwar to Srinagar on the banks of the Ganges Uttarakhand news
बदरीनाथ हाईवे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बदरीनाथ हाईवे पर गंगा के उस पार एक अन्य समानांतर वैकल्पिक मार्ग का प्रस्ताव तैयार किया गया है। मार्ग बन जाने से जहां हरिद्वार-ऋषिकेश में जाम की समस्या से निजात मिलेगी, वहीं पौड़ी जिले के गांव सड़क मार्ग से जुड़ जाएंगे। आपदा की स्थिति में मुख्य मार्ग (एनएच-58) के बंद हो जाने से यह मार्ग यात्रा और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा।

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वैकल्पिक मार्ग के यह तीन विकल्प शासन के निर्देश पर पौड़ी जिला प्रशासन ने सुझाए हैं। मार्ग का सर्वे करनेे के बाद रिपोर्ट शासन को सौंपी जा चुकी है। पहले विकल्प के तौर पर 87 किमी लंबाई के नए मार्ग का प्रस्ताव किया गया है। इसमें से 50 किमी सड़क पहले से बनी है, जबकि 32 किमी नई सड़क प्रस्तावित की गई है।
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हेवल नदी पर स्पान का बनाना होगा एक पुल 
यह मार्ग बदरीनाथ हाईवे (एनएच-58) पर ऋषिकेश से 26 किमी आगे माला नामक स्थान से शुरू होगा। यहां 150 मीटर स्पान का एक पुल बनाना पड़ेगा। इसके बाद यह मार्ग माला से सिंगटाली, व्यासघाट, देवप्रयाग, जनासू से होते हुए श्रीनगर तक जाएगा।

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दूसरे विकल्प के तौर पर 95 किमी नई सड़क को प्रस्ताव किया गया है। इसमें से भी करीब 50 किमी सड़क पहले से बनी है, जबकि 45 किमी नए मार्ग का निर्माण करना होगा। यह मार्ग फूलचट्टी से शुरू होगा। इसके लिए हेवल नदी पर 150 मीटर स्पान का एक पुल बनाना होगा। यह मार्ग फूलचट्टी से माला, सिंगटाली, व्यासघाट, देवप्रयाग, जनासू से होते हुए श्रीनगर तक जाएगा।

सिरासू तक लगभग 55 किमी ऐलीवेटेड रोड होगा
तीसरे विकल्प के रूप में हरिद्वार के चंडीघाट पुल से श्रीनगर तक कुल 137 किमी सड़क प्रस्तावित की गई है। इसमें से भी करीब 50 किमी सड़क पहले से बनी है, जबकि 56 किमी नई सड़क बनाई जानी है। इस मार्ग पर तीन पुल बनाने होंगे। चंडीघाट से दो किमी पूर्व दक्षिण में काली मंदिर से सिरासू तक लगभग 55 किमी ऐलीवेटेड रोड होगा। यह मार्ग भी चंडीघाट पुल से सिरासू, माला, सिंगटाली, व्यासघाट, देवप्रयाग, जनासू से होते हुए श्रीनगर तक जाएगा। तीनों ही विकल्पों में पूरा इलाका पौड़ी जिले में पड़ता है।

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नई सड़क बन जाने से सैकड़ों गांवों को मिलेगा लाभ

पौड़ी गढ़वाल के सिंगटाली क्षेत्र को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए लंबे समय से सिंगटाली के पास एक नया पुल बनाने की मांग की जा रही है। यदि तीनों विकल्पों से सरकार एक विकल्प पर भी आगे बढ़ती है तो इससे सिंगटाली के अलावा माला, सिरासू, व्यासघाट, सौड़, सिराला, उतरासू, रामपुर, रोली, धनचड़ा और बिलकेदार, चीला, गंगाभोगपुर जैसे सैकड़ों गांव लाभान्वित होंगे।

दो रेलवे स्टेशनों से भी जुड़ेगा नया हाईवे

प्रस्तावित हाईवे के तीनों विकल्पों में यह ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के दो महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन सौड़ (देवप्रयाग) और जनासू (श्रीनगर) से भी जुड़ जाएगा।

शासन के निर्देश में वैकल्पिक मार्ग के लिए तीन विकल्प सुझाए गए हैं। कहां से कहां तक पहले से सड़क बनी है और कहां नई सड़क, पुल इत्यादि बनाने की जरूरत है। इसका पूरा नक्शा तैयार कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध करा दी है। - आशीष चौहान, जिलाधिकारी पौड़ी

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