{"_id":"5bc40b18bdec2269332767d9","slug":"three-police-constable-murder-accused-arrested-in-banda","type":"story","status":"publish","title_hn":"बांदा में पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़ में आया तीन सिपाहियों की हत्या करने वाला शातिर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बांदा में पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़ में आया तीन सिपाहियों की हत्या करने वाला शातिर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा/अल्मोड़ा
Updated Mon, 15 Oct 2018 09:05 AM IST
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रानीखेत-अल्मोड़ा के बीच 2003 में तीन सिपाहियों की गोली मारकर हत्या करने वाले और बाद मैनपुरी में पुलिस अभिरक्षा से भागे शातिर राजेंद्र सिंह रावत को बांदा की बिसंडा थाना पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद धर दबोचा। मध्य प्रदेश के इस कुख्यात बदमाश के पैर में पुलिस की गोली भी लगी है। उसके चार साथियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
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बांदा के चिल्ला रोड स्थित टाइल्स शोरूम से 21 सितंबर की रात अगवा किए गए व्यापारी प्रदीप उर्फ नीलू सिंह सेंगर की घर वापसी के रहस्य पर से पर्दा उठाते हुए रविवार को चित्रकूटधाम मंडल के डीआईजी मनोज तिवारी ने यह खुलासा किया। उन्होंने बताया कि राजेंद्र सिंह समेत गिरफ्तार पांच बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने तीन पिस्टल (एक 9 एमएम, दो पिस्टल 315 बोर), 260 रुपये नेपाली करेंसी, 6500 रुपये भारतीय करेंसी, एक स्कार्पियो, एक टाटा जेस्ट, दो मैगजीन, काफी संख्या में कारतूस बरामद किए हैं। उन्होंने बताया कि नीलू के अपहरण में इस्तेमाल स्कार्पियो 12 सितंबर को बैलपड़ाव-हल्द्वानी से लूटी गई थी।
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एमपी के जबलपुर रावतसर के राजेंद्र सिंह रावत ने वर्ष 2003 में अल्मोड़ा जिले में तीन पुलिस कर्मियों को उस समय मौत के घाट उतार दिया था जब उसको और उसके कुछ साथियों को पेशी के बाद रानीखेत से अल्मोड़ा लाया जा रहा था। अल्मोड़ा-रानीखेत के बीच राजेंद्र और उसके साथ कुछ अन्य बंदियों ने पुलिस कर्मियों की राइफल लूट तीन पुलिस कर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए थे। बरसों बाद पकड़ में आया राजेंद्र सिंह वर्ष 2016 में मैनपुरी जेल से पेशी के दौरान पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। उस पर डेढ़ दर्जन से भी ज्यादा आपराधिक केस उत्तराखंड, दिल्ली, यूपी, एमपी में दर्ज हैं। इस गिरोह में और भी कई सदस्य हैं। इनके तार नेपाल से भी जुड़े हैं। इन सभी की तलाश की जा रही है।
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