रुड़कीः एक ही परिवार के तीन लोग ट्रेन से कटे
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उत्तराखंड के रुड़की क्षेत्र में बंद रेलवे फाटक को पार कर रहे एक ही परिवार के तीन लोग ट्रेन की चपेट में आकर कट गए। दुर्घटना में शवों के टुकड़े काफी दूर तक फैल गए।
सूचना पर पहुंचे परिवार के लोगों ने शवों के टुकड़ों को इकट्ठा किया और पुलिस के पहुंचने से पहले ही लेकर चले गए।
सहारनपुर के खेड़ा मुगल निवासी इकबाल (30) पुत्र इनाम बुधवार की सुबह अपनी मां फातिमा उर्फ मूना (60) और तीन वर्ष की बेटी रवीशा के साथ बाइक पर अपने रिश्तेदार मतलूब के यहां पुहाना भगवानपुर क्षेत्र में एक समारोह में शामिल होने जा रहे थे।
परिवार के अन्य सदस्य दूसरी गाड़ी से साथ ही चल रहे थे। इकबाल सुबह करीब 11 बजे इकबालपुर रेलवे फाटक पर पहुंचा। उस समय फाटक बंद था। इकबाल ने ट्रेन गुजरने का इंतजार नहीं किया अपनी मां और बेटी को बाइक से उतार कर फाटक के बैरियर के नीचे से बाइक को निकलकर रेलवे लाइन क्रॉस करने लगा।
महिला को बचाने में बेटे और पोती भी कटे
इकबाल के पीछे-पीछे रवीशा और उसकी दादी फातिमा भी आ रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रवीशा अचानक ठोकर लगने से ट्रैक पर गिर गई। दादी रवीशा को उठाने लगी, लेकिन तभी ट्रेन काफी नजदीक आ गई। यह देख कर रवीशा और उसकी दादी घबरा गई।
दोनों को ट्रैक पर देख इकबाल अपनी बाइक छोड़कर उन्हें बचाने के लिए दौड़ पड़ा। जैसे ही वह ट्रैक पर पहुंचा, तभी सहारनपुर की ओर से रुड़की जा रही अहमदाबाद एक्सप्रेस ने तीनों को अपनी चपेट में ले लिया।
तीनों के टुकड़े करीब एक-डेढ़ किलोमीटर तक पड़े मिले। दूसरी गाड़ी से आए परिवार के सदस्यों ने तीनों शवों के टुकड़ों को एकत्रित किया और उन्हें अपने साथ लेकर चले गए।
जानकारी पाकर झबरेड़ा थाना पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ मौके पर पहुंची। इकबालपुर चौकी प्रभारी गंभीर सिंह तोमर ने बताया कि जब तक वह पहुंचे तब तक शवों को ले जाया चुका था। आरपीएफ के उपनिरीक्षक के एस रावत ने बताया कि मृतकों के परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शवों को अपने साथ ले गए।