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ठगी के तीन मास्टर गिरफ्तार, डेढ़ किलो सोना बरामद
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 23 May 2017 06:48 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस ने सर्राफ से नब्बे लाख रुपये का सोना ठगने वाले तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से एक किलो छह सौ ग्राम सोने के साथ घटना में प्रयुक्त कार बरामद हुई है।
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इनका चौथा साथी बाकी का एक किलो 400 ग्राम सोना लेकर फरार है, जिसकी तलाश में दबिश चल रही हैं। हरियाणा और पंजाब के यह ठग पहले भी कई करोड़ की ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने मंगलवार को नब्बे लाख की ठगी की घटना का विधिवत खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कार में आए ठगों ने नेहरू कालोनी के अजबपुर कलां निवासी सर्राफ सचिन रस्तौगी तीन किलो सोना ऊंची कीमत पर खरीदने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया था।
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26 अप्रैल को सोना लेने के बाद यह ठग सर्राफ को सवा करोड़ के बदले कागजों की गड्डियां थमाकर फरार हो गए थे। उसी दिन से पुलिस ठगों की तलाश में लगी थी। ठगों ने पंजाब से लेकर देहरादून तक के कई लोगों को ठगी के लिए अपना माध्यम बनाया था। पुलिस उन्हीं लिंक को जोड़कर हरियाणा के कुरुक्षेत्र और पटियाला के ठगों तक पहुंची थी। एसएसपी ने बताया कि पुलिस टीम ने कुरुक्षेत्र के हांसी रोड गांधी नगर निवासी गुरुदीप उर्फ दिप्पा, कुरुक्षेत्र के मेघा माजरा निवासी साहब उर्फ साबा और पटियाला के ककराला निवासी गुरजंट उर्फ मिंटू को गिरफ्तार कर लिया।
इनके निशानदेही पर ठगी का करीब एक किलो 600 ग्राम सोना बरामद कर लिया। कार के अलावा कागजों की 16 गड्डियां, तराजू और रजिस्टर बरामद हुए हैं। इनका चौथा साथी सुमेर बाकी का सोना लेकर फरार है। पुलिस टीम उसकी तलाश में लगी है। एसपी सिटी प्रदीप राय भी इस दौरान मौजूद थे। ज्वैलर्स एसोसिएशन ने पुलिस की सराहना करते हुए टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
पुलिस एक्टिंग करता है सुमेर
एसएसपी ने बताया कि फरार सुमेर पुलिस की एक्टिंग करने का मास्टर है। वह हर घटनास्थल पर ठगों के पीछे रहता है, ताकि वह उनकी मदद कर सके। वह अक्सर खुद को पुलिस कर्मी बताकर पुलिस को गुमराह कर जाता है। नब्बे लाख की ठगी के दिन भी सुमेर घटनास्थल से दूर था। वारदात के बाद यह लोग सीधे सहारनपुर गए।
ठगों ने बताए अपने किरदार
पुलिस हिरासत में तीनों ने ठगी के दौरान अपने किरदार के बारे में बताया है। साहब सिंह पंजाब के बाबा की भूमिका में थे। जिनके बारे में झांसा दिया गया था कि उन्हें दो हजार के करीब सवा करोड़ नोटों को सोने में निवेश करना है। गुरुदीप डीलर की भूमिका में था, जबकि गुरुजंट कार का चालक बना हुआ है। उन्होंने सोना हाथ में आते ही जल्दी बाजी दिखाई, ताकि सर्राफ नोटों की गड्डियों का अवलोकन न कर सके। जब तक उसे ठगी का अहसास हुआ, वह काफी दूर निकल चुके थे।
बंटवारे को लेकर विवाद
एसएसपी ने बताया कि ठगों में सोने के बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही थी। हर कोई अपने रिस्क के हिसाब से ज्यादा हिस्से की डिमांड कर रहा था। इन तीनों के हिस्से में अभी एक किलो 600 ग्राम सोना ही आया था। बाकी सोना सुमेर के पास ही है।
पौने दो करोड़ की ठगी में वांछित
एसपी सिटी प्रदीप राय ने बताया कि गुरुदीप और साहब सिंह के खिलाफ पहले से ही ठगी के तीन-तीन अभियोग पंजीकृत है। पौने दो करोड़ की ठगी में दोनों की पुलिस को तलाश है। इनके द्वारा 65 लाख रुपये की अलग से ठगी की गई है।
पुलिस टीम को पुरस्कार
एसएसपी ने ठगों को गिरफ्तार करने वाले एसएसआई यादवेन्द्र सिंह बाजवा, एसआई रणबीर रमोला, कमलेश कुमार शर्मा, प्रशिक्षु दारोगा प्रवीण रावत, राजकुमार, कांस्टेबल चंद्रमोहन नेगी, गंभीर, मनमोहन, अरशद, आशीष, नवनीत और प्रमोद को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।