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तीन कंपनियां घर-घर कूड़ा उठान के लिए, खुद के भी छह सौ कर्मचारी, फिर भी सड़कों पर कूड़े के ढ़ेर
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नगर निगम ने सफाई व्यवस्था के लिए तीन-तीन कंपनियां लगा रखी हैं। साथ ही खुद के भी करीब 600 कर्मचारी सफाई व्यवस्था में लगे हैं। बावजूद सड़कों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। ऐसे में निगम के स्वच्छ दून के सपने की मंशा पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं।
शीशमबाड़ा वेस्ट मैनेजमेंट एंड रिसाइकिलिंग प्लांट को लेकर इस समय नगर निगम सुर्खियों में हैं। हर माह करोड़ों खर्च होने के बाद भी शीशमबाड़ा में कूड़ा रखने की जगह नहीं बची है, जिससे निगम को यहां पालिकाओं और कैंट बोर्डों को कूड़ा डालने से मना करना पड़ा रहा है। शीशमबाड़ा प्लांट के बाद अब निगम के घर-घर कूड़ा उठाने और सफाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। निगम की ओर से घर-घर कूड़ा उठाने के लिए चेन्नई एमएसडब्ल्यू, मैमर्स सनलाइट और मैमर्स ईकॉन लिमिटेड को ठेका दिया है। इसमें से 69 वार्ड में चेन्नई एमएसडब्ल्यू, जबकि 15 वार्ड में मैमर्स सनलाइट और 14 वार्ड मैमर्स ईकॉन लिमिटेड के पास कूड़ा उठान का ठेका है।
हर माह कूड़े के हिसाब से नगर निगम इन्हें लाखों रुपये का भुगतान करती है। इसके अलावा निगम के करीब 600 कर्मचारी भी 100 वार्डों में सफाई कार्य में जुड़ी है। ऐसा नहीं है कि निगम के पास संसाधनों की कमी हो, लेकिन भारी-भरकम तामझाम के बाद भी शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र के वार्ड सड़क और नालों-खालों में कूड़े के ढेर पड़े हुए हैं। सवाल यह है कि जब तीन-तीन कंपनियां कूड़ा उठान में लगे हैं तो क्यों घरों का कूड़ा सड़कों पर पड़ा हुआ है।
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ऐसे नहीं है कि घर-घर से कूड़ा उठान नहीं हो रहा। कंपनियों की गाड़ियां हर वार्ड में तैनात हैं, लेकिन लोग गाड़ी में कूड़ा डालने के बजाय सड़कों पर फेंक देते हैं। अब निगम सड़कों पर कूड़ा डालने वालों के खिलाफ भी चालान की कार्रवाई करेगी।
डॉ. अविनाश खन्ना, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी
रैमकी के साथ आज फिर होगी बैठक
शीशमबाड़ा में वेस्ट मैनेजमेंट एंड रिसाइकिलिंग प्लांट का संचालन कर रही रैमकी कंपनी और 69 वार्डों में घर-घर कूड़ा उठान करने वाली चेन्नई एमएसडब्ल्यू कंपनी को नगर आयुक्त ने बैठक के लिए बुलाया है। बैठक में निगम प्लांट और घर-घर कूड़ा उठान के दायित्वों का हस्तांतरण के संबंध में कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता करेगी। कूड़ा निस्तारण को लेकर रैमकी के साथ अनुबंध 31 अगस्त को समाप्त हो चुका है। हालांकि, नगर निगम की ओर से व्यवस्था बनाने के लिए रैमकी और चेन्नई एमएसडब्ल्यू ने 31 अक्तूबर तक अपना कार्य जारी रखने पर अपनी सहमति जताई है। नगर आयुक्त ने बताया कि बैठक में कार्यों के हस्तांतरण को लेकर वार्ता की जाएगी।
कंपनी दोबारा करना चाहती काम करना
नगर निगम ने 31 अगस्त को रैमकी और चेन्नई एमएसडब्ल्यू का अनुबंध खत्म कर दिया, लेकिन कंपनी निगम के साथ काम मिलकर करना चाहती है। रैमकी के प्रोजेक्ट मैनेजर एहसान सैफी ने बताया कि कंपनी नगर निगम का पूरा सहयोग कर रही है। कंपनी भी अपेक्षा कर रही कि निगम भी कंपनी का सहयोग करें। बताया कि कंपनी को निगम के साथ काम करने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन वेस्ट एनर्जी प्लांट पर अगर निगम आगे बढ़ता है, तो कंपनी निगम का सहयोग करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। कंपनी एनर्जी प्लांट के लिए 120 करोड़ खर्च करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। बशर्ते उसे एनर्जी प्लांट लगाने की अनुमति मिल जाए। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को होने वाली बैठक में रैमकी और नगर निगम के साथ आपसी सहमति बन सकती है और निगम दोबारा से कंपनी को कार्य सौंप सकती है। हालांकि, नगर आयुक्त मनुज गोयल ने ऐसी खबरों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि निगम ने नई कंपनियों के लिए टेंडर आमंत्रित कर दिए हैं।
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शीशमबाड़ा वेस्ट मैनेजमेंट एंड रिसाइकिलिंग प्लांट को लेकर इस समय नगर निगम सुर्खियों में हैं। हर माह करोड़ों खर्च होने के बाद भी शीशमबाड़ा में कूड़ा रखने की जगह नहीं बची है, जिससे निगम को यहां पालिकाओं और कैंट बोर्डों को कूड़ा डालने से मना करना पड़ा रहा है। शीशमबाड़ा प्लांट के बाद अब निगम के घर-घर कूड़ा उठाने और सफाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। निगम की ओर से घर-घर कूड़ा उठाने के लिए चेन्नई एमएसडब्ल्यू, मैमर्स सनलाइट और मैमर्स ईकॉन लिमिटेड को ठेका दिया है। इसमें से 69 वार्ड में चेन्नई एमएसडब्ल्यू, जबकि 15 वार्ड में मैमर्स सनलाइट और 14 वार्ड मैमर्स ईकॉन लिमिटेड के पास कूड़ा उठान का ठेका है।
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हर माह कूड़े के हिसाब से नगर निगम इन्हें लाखों रुपये का भुगतान करती है। इसके अलावा निगम के करीब 600 कर्मचारी भी 100 वार्डों में सफाई कार्य में जुड़ी है। ऐसा नहीं है कि निगम के पास संसाधनों की कमी हो, लेकिन भारी-भरकम तामझाम के बाद भी शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र के वार्ड सड़क और नालों-खालों में कूड़े के ढेर पड़े हुए हैं। सवाल यह है कि जब तीन-तीन कंपनियां कूड़ा उठान में लगे हैं तो क्यों घरों का कूड़ा सड़कों पर पड़ा हुआ है।
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ऐसे नहीं है कि घर-घर से कूड़ा उठान नहीं हो रहा। कंपनियों की गाड़ियां हर वार्ड में तैनात हैं, लेकिन लोग गाड़ी में कूड़ा डालने के बजाय सड़कों पर फेंक देते हैं। अब निगम सड़कों पर कूड़ा डालने वालों के खिलाफ भी चालान की कार्रवाई करेगी।
डॉ. अविनाश खन्ना, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी
रैमकी के साथ आज फिर होगी बैठक
शीशमबाड़ा में वेस्ट मैनेजमेंट एंड रिसाइकिलिंग प्लांट का संचालन कर रही रैमकी कंपनी और 69 वार्डों में घर-घर कूड़ा उठान करने वाली चेन्नई एमएसडब्ल्यू कंपनी को नगर आयुक्त ने बैठक के लिए बुलाया है। बैठक में निगम प्लांट और घर-घर कूड़ा उठान के दायित्वों का हस्तांतरण के संबंध में कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता करेगी। कूड़ा निस्तारण को लेकर रैमकी के साथ अनुबंध 31 अगस्त को समाप्त हो चुका है। हालांकि, नगर निगम की ओर से व्यवस्था बनाने के लिए रैमकी और चेन्नई एमएसडब्ल्यू ने 31 अक्तूबर तक अपना कार्य जारी रखने पर अपनी सहमति जताई है। नगर आयुक्त ने बताया कि बैठक में कार्यों के हस्तांतरण को लेकर वार्ता की जाएगी।
कंपनी दोबारा करना चाहती काम करना
नगर निगम ने 31 अगस्त को रैमकी और चेन्नई एमएसडब्ल्यू का अनुबंध खत्म कर दिया, लेकिन कंपनी निगम के साथ काम मिलकर करना चाहती है। रैमकी के प्रोजेक्ट मैनेजर एहसान सैफी ने बताया कि कंपनी नगर निगम का पूरा सहयोग कर रही है। कंपनी भी अपेक्षा कर रही कि निगम भी कंपनी का सहयोग करें। बताया कि कंपनी को निगम के साथ काम करने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन वेस्ट एनर्जी प्लांट पर अगर निगम आगे बढ़ता है, तो कंपनी निगम का सहयोग करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। कंपनी एनर्जी प्लांट के लिए 120 करोड़ खर्च करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। बशर्ते उसे एनर्जी प्लांट लगाने की अनुमति मिल जाए। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को होने वाली बैठक में रैमकी और नगर निगम के साथ आपसी सहमति बन सकती है और निगम दोबारा से कंपनी को कार्य सौंप सकती है। हालांकि, नगर आयुक्त मनुज गोयल ने ऐसी खबरों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि निगम ने नई कंपनियों के लिए टेंडर आमंत्रित कर दिए हैं।