फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   this year shradha will give confusion

16 दिन चलने वाले श्राद्घ पक्ष में इस बार हो सकता है ये भ्रम, निवारण पढ़ें

Thu, 07 Sep 2017 08:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Thu, 07 Sep 2017 08:37 AM IST
विज्ञापन
this year shradha will give confusion

आश्विन मास में 16 दिन चलने वाले महालय श्राद्ध मंगलवार से शुरू हो गए हैं। प्रतिदिन पितरों के निमित्त ब्राह्मणों को भोजन कराया जाएगा और गंगा तट पर श्राद्ध तर्पण होंगे। श्राद्धों का समापन पितृ अमावस्या के दिन 20 सितंबर को होगा।

विज्ञापन

 
जिन पितरों का निधन पूर्णिमा के दिन हुआ उनका श्राद्ध मंगलवार को किया गया। पूर्णिमा तिथि दोपहर 12.38 बजे शुरू हुई। श्राद्ध पक्ष में पितरों को माध्याह्न काल में भोजन दिया जाता है। परिणाम स्वरूप पूर्णिमा का श्राद्ध मंगलवार को ही किया गया।
विज्ञापन


प्रतिपदा का श्राद्ध छह सितंबर को हुआ। यद्यपि उस दिन स्नान पूर्णिमा है। इसी प्रकार पंचमी तिथि का क्षय हो गया है। द्वादशी और त्रोयदशी तिथियां भी एक ही दिन पड़ेगी। 17 सितंबर को दोनों तिथियों का श्राद्ध एक साथ संपन्न होगा। पितृ विसर्जन 19 और 20 सितंबर दोनों दिन किया जा सकता है। दोनों ही दिन अमावस्या तिथि विद्यमान है। शारदीय नवरात्र 21 सितंबर से शुरू होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

श्राद्ध पक्ष का बड़ा महत्व

this year shradha will give confusion
demo pic

ज्योतिषाचार्य डा. प्रतीक मिश्रपुरी के अनुसार कुछ पंचांगों में छह सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध बताया गया है। शास्त्री और ज्योतिष की दृष्टि से यह सर्वथा गलत है। पूर्णिमा का श्राद्ध मंगलवार पांच सितंबर को हुआ।

श्राद्ध पक्ष में दोपहर का समय लिया जाता है। पितृ पक्ष का समापन 20 सितंबर को करना चाहिए। इसी दिन नाना- नानी का श्राद्ध भी किया जा सकता । डा. मिश्रपुरी ने बताया कि इस बार तिथियों में विवाद है, फिर भी सभी 16 श्राद्ध पूरे होंगे।

श्राद्ध पक्ष का बड़ा महत्व है। श्राद्ध पक्ष में अनेक बाधाओं से पीड़ित लोगों का श्राद्ध भी किया जाता है। त्रिपिंडी श्राद्ध करने की भी परंपरा है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed