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Dehradun News: मशीन में तकनीकी खामी, इस बार भी नहीं होंगे अल्ट्रासाउंड
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Iमशीन के सॉफ्टवेयर में आई समस्या, लगातार चौथे माह नहीं होगी जांचI
सीमांत तहसील क्षेत्र त्यूणी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इस बार भी मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं होंगे। तकनीशियनों ने बताया है कि मशीन का सॉफ्टवेयर करप्ट कर गया है। सॉफ्टवेयर बाहर से मंगवाया जा रहा है। लगातार चार महीने से पीएचसी में अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो पाई है।
जिलाधिकारी सोनिका के आदेश पर 25 अप्रैल को अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई गई थी। 25 जून को उप जिला अस्पताल मसूरी के रेडियोलॉजिस्ट को माह में एक बार पीएचसी त्यूणी में अल्ट्रासाउंड जांच के निर्देश दिए गए थे। जुलाई से अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा मिलनी शुरू हो गई थी। माह के पहले शुक्रवार को जांच होती थी। लेकिन, नवंबर और दिसंबर में पहले चारधाम यात्रा और फिर सिलक्यारा बचाव अभियान में ड्यूटी के चलते रेडियोलॉजिस्ट अस्पताल नहीं आ पाए। जनवरी में रेडियोलॉजिस्ट पहुंचे तो मशीन खराब हो गई। अब फरवरी में भी यही हाल हो गया। अल्ट्रासाउंड मशीन की मरम्मत के लिए तकनीशियनों की टीम बुलाई गई। टीम ने जांच में पाया मशीन का सॉफ्टवेयर करप्ट हो गया है। तकनीशियनों ने कहा कि मशीन का सॉफ्टवेयर देश के बाहर से मंगवाया जाएगा।
Iअल्ट्रासाउंड मशीन का सॉफ्टवेयर करप्ट हुआ है। सॉफ्टवेयर मंगवाया गया है। सॉफ्टवेयर आने और मरम्मत में करीब 10 से 15 दिन का समय लग जाएगा। उसके बाद अल्ट्रासाउंड जांच दोबारा शुरू हो पाएगी
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Iडॉ. दिनेश चौहान, एसीएमओI
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सीमांत तहसील क्षेत्र त्यूणी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इस बार भी मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं होंगे। तकनीशियनों ने बताया है कि मशीन का सॉफ्टवेयर करप्ट कर गया है। सॉफ्टवेयर बाहर से मंगवाया जा रहा है। लगातार चार महीने से पीएचसी में अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो पाई है।
जिलाधिकारी सोनिका के आदेश पर 25 अप्रैल को अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई गई थी। 25 जून को उप जिला अस्पताल मसूरी के रेडियोलॉजिस्ट को माह में एक बार पीएचसी त्यूणी में अल्ट्रासाउंड जांच के निर्देश दिए गए थे। जुलाई से अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा मिलनी शुरू हो गई थी। माह के पहले शुक्रवार को जांच होती थी। लेकिन, नवंबर और दिसंबर में पहले चारधाम यात्रा और फिर सिलक्यारा बचाव अभियान में ड्यूटी के चलते रेडियोलॉजिस्ट अस्पताल नहीं आ पाए। जनवरी में रेडियोलॉजिस्ट पहुंचे तो मशीन खराब हो गई। अब फरवरी में भी यही हाल हो गया। अल्ट्रासाउंड मशीन की मरम्मत के लिए तकनीशियनों की टीम बुलाई गई। टीम ने जांच में पाया मशीन का सॉफ्टवेयर करप्ट हो गया है। तकनीशियनों ने कहा कि मशीन का सॉफ्टवेयर देश के बाहर से मंगवाया जाएगा।
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Iअल्ट्रासाउंड मशीन का सॉफ्टवेयर करप्ट हुआ है। सॉफ्टवेयर मंगवाया गया है। सॉफ्टवेयर आने और मरम्मत में करीब 10 से 15 दिन का समय लग जाएगा। उसके बाद अल्ट्रासाउंड जांच दोबारा शुरू हो पाएगी
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Iडॉ. दिनेश चौहान, एसीएमओI