इन्होंने आईआईटी को दान किए डेढ़ करोड़, कहा कुछ ऐसा पढ़कर मिलेगी प्रेरणा
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आईआईटी रुड़की को नवीन तकनीक के विकास के लिए डेढ़ करोड़ रुपये दान में देने वाले शिक्षाविद् एवं समाजसेवी डॉ. अजीत सिंघवी ने कहा कि सामाजिक कार्यों के लिए कारपोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलीटी (सीएसआर) फंड के जरिए प्राप्त होने वाली धनराशि पर्याप्त नहीं है, इसलिए हमें जनहित के लिए कुछ बड़ा सोचना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि उद्योगपति ही नहीं बल्कि प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को समाज के योगदान से जोड़ने के लिए पर्सनल सोशल रेस्पोंसिबिलीटी (पीएसआर) की अवधारणा विकसित की है। इसे देश में लागू करने के लिए प्रयासरत हैं। फिलहाल डॉ सिंघवी आईआईटी रुड़की के दौरे पर आए हुए हैं।
कमाई का दो प्रतिशत दान में देने के लिए प्रेरित किया जाएगा
इसके जरिए प्रत्येक व्यक्ति को टैक्स के अलावा उसकी कमाई का दो प्रतिशत दान में देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए संबंधित व्यक्तियों को समय-समय पर सम्मान पत्र देकर और उनकी फोटो को सार्वजनिक रूप से कार्यक्रमों में दिखाकर प्रेरित किया जाएगा। यह कार्यक्रम 50 से 60 वर्ष के आयुवर्ग के लोगों के लिए शुरू किया जाएगा।
धनराशि का 20 प्रतिशत लॉटरी के माध्यम से विजेताओं को दिया जाएगा
योजना के अनुसार एकत्र हुई धनराशि का 20 प्रतिशत लॉटरी के माध्यम से विजेताओं को दिया जाएगा। बताया कि विदेशों में लॉटरी सिस्टम से कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। कहा, देश का विकास केवल सरकार की योजनाओं से ही संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए व्यक्तिगत प्रयास भी करने होंगे। इस पहल से जरूरतमंदों के लिए योजनाओं को लागू भी किया जा सकता है।
साथ ही नवीन तकनीकियों के विकास के लिए उत्कृष्ठ प्रयोगशालाओं आदि को बढ़ावा दिया जा सकेगा। जोधपुर के मूल निवासी डॉ. सिंघवी वर्तमान में लंदन में निवास करते हैं और देश में शिक्षा एवं समाजिक विकास के लिए प्रयासरत हैं। इस दौरान संस्थान के डीन प्रो. बीआर गुर्जर भी मौजूद रहे।
इंजीनियर बने सीईओ, पढ़ाई के दौरान दी जाएगी ट्रेनिंग
डॉ. अजीत सिंघवी ने कहा कि ज्यादातर कंपनियों में सीईओ एकाउंट और मैनेजमेंट क्षेत्र से आते हैं। जबकि इंजीनियरिंग एवं तकनीक क्षेत्र के व्यक्ति विकास की दिशा में इनोवेटिव आइडिया लागू कर सकते हैं। विदेशों में सीईओ जैसे पदों पर इंजीनियरिंग दिमाग रखने वाले लोगों को मौका दिया जाता है।
उन्होंने इस बात की हिमायत की कि आईआईटी जैसे संस्थान में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने से पहले मैनेजमेंट का शार्ट टर्म कोर्स कराया जाना जरूरी है। इसमें छात्रों को ऑपरेशन मैनेजमेंट, फाइनेंशियल मैनेजमेंट समेत फील्ड की व्यवहारिक जानकारी दी जानी चाहिए।