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इस सरकारी स्कूल में भोजन माताएं दो, मगर अध्यापक है एक
हयात राम/ अमर उजाला, रीठा साहिब/चंपावत
Updated Sun, 23 Jul 2017 11:36 AM IST
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उत्तराखंड की पाटी विकासखंड के चौड़ामेहता ग्राम पंचायत के चमोली गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय के हाल खराब हैं।
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दूरस्थ गांव के नौनिहालों को शिक्षित करने के पर्याप्त शिक्षक है न ही स्कूल भवन दुरुस्त। गौर करने वाली बात यह है कि एक शिक्षक वाले इस स्कूल में भोजन माताएं हैं। चमोली गांव की 12 छात्राओं सहित कुल 39 छात्रों को पढ़ाने के लिए एकमात्र शिक्षक हैं। पांचों कक्षाएं अकेले शिक्षक हरीश चंद्र गहतोड़ी के सहारे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अकेले शिक्षक को महीने में कई बार बैठक, प्रशिक्षण सहित अन्य विभागीय कार्यों के लिए पाटी ब्लॉक जाना पड़ता है। इससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। भवन भी बदहाल है। स्कूल में बिजली नहीं होने से कंप्यूटर की पढ़ाई भी नहीं हो पा रही है। बिजली कनेक्शन की रकम जमा होने के बावजूद कनेक्शन नहीं लग सका है।
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अभिभावकों का कहना है कि भवन की छत और दीवार में दरार आने से बरसात में बच्चों के लिए पढ़ाई करना खतरनाक है। वहीं ऊर्जा निगम सूत्रों का कहना है कि पोल दूर होने से कनेक्शन लगाने में परेशानी हो रही है।
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जल्द तैनात करें शिक्षक
रीठा साहिब। राजकीय प्राथमिक विद्यालय चमोली की स्कूल प्रबंधन समिति ने व्यवस्था सुधारने की मांग की है। समिति की अध्यक्ष मुन्नी देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में अभिभावकों ने स्कूल में शिक्षक बढ़ाने, क्षतिग्रस्त भवन सुधारने की मांग की। जल्द शिक्षक न भेजने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय चमोली में एक और शिक्षक को भेजने का प्रयास किया जाएगा। विद्यालय भवन की मरम्मत का स्कूल प्रबंधन समिति से प्रस्ताव मिलने पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। भवन को वृहद मरम्मत मद से ठीक कराया जाएगा।
- सत्यनारायण, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा), चंपावत