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वेल्हम गर्ल्स स्कूल की छह छात्राओं के कोरोना संक्रमित पाए जाने से हड़कंप
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राजधानी दून समेत पूरे जिले में कोरोना संक्रमण एक बार फिर से पांव पसारने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटे के भीतर राजधानी के नामचीन वेल्हम गर्ल्स हाईस्कूल की छह छात्राओं समेत 16 कोरोना संक्रमित मिलने से हड़कंप की स्थिति बन गई। स्कूल में एक साथ छह छात्राओं के संक्रमित मिलने से जहां स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया, वहीं स्वास्थ्य महकमा भी सकते में आ गया।
फिलहाल कोरोना संक्रमित सभी मरीजों को चिह्नित करने के साथ ही उन्हें आइसोलेट किया जा रहा है। स्कूली छात्राओं के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्कूल व आसपास के इलाकों को मिनी कंटेनमेंट जोन बनाने की भी स्वास्थ्य विभाग तैयारी में है। यह पहली बार नहीं है, जब राजधानी के किसी स्कूल में छात्र-छात्राओं के कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि पिछले चौबीस घंटे के भीतर 361 लोगों का आरटीपीसीआर टेस्ट किया गया था। नमूनों को जांच पड़ताल के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था, जिसमें 16 लोगों के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई, जिसमें वेल्हम गर्ल्स स्कूल की छह छात्राएं भी शामिल हैं।
एक ही स्कूल में छह छात्राओं के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भौचक है। कोरोना सर्विलांस अधिकारी व एसीएमओ डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि वेल्हम गर्ल्स हाईस्कूल की जिन छह छात्राओं में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है, उनकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। ऐसे में छात्राएं कहां और कैसे कोरोना संक्रमित हो गईं, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल कोरोना संक्रमित सभी छात्राओं को उनके घरों में ही आइसोलेट कर दिया गया है। स्कूल व आसपास के इलाकों को मिनी कंटेनमेंट जोन बनाया जा रहा है। दूसरी ओर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उप्रेती ने बताया कि एक जनवरी 2022 के बाद जिले में 32,990 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई, जिसमें से ज्यादातर लोग ठीक हो चुके हैं।
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बताया कि फिलहाल जिले में सिर्फ कोरोना संक्रमण के 80 एक्टिव मामले हैं। जहां तक आरटीपीसीआर जांच का सवाल है तो एक जनवरी 2022 से लेकर अब तक जिले में 3,96,638 लोगों की जांच की जा चुकी है। वहीं, संक्रमण से मौतों का सवाल है तो 174 मरीजों की मौत हो चुकी है। सीएमओ ने बताया कि कोरोना संक्रमण रोकने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर संभव कदम उठाए गए हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज की पुख्ता व्यवस्था है।
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फिलहाल कोरोना संक्रमित सभी मरीजों को चिह्नित करने के साथ ही उन्हें आइसोलेट किया जा रहा है। स्कूली छात्राओं के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्कूल व आसपास के इलाकों को मिनी कंटेनमेंट जोन बनाने की भी स्वास्थ्य विभाग तैयारी में है। यह पहली बार नहीं है, जब राजधानी के किसी स्कूल में छात्र-छात्राओं के कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि पिछले चौबीस घंटे के भीतर 361 लोगों का आरटीपीसीआर टेस्ट किया गया था। नमूनों को जांच पड़ताल के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था, जिसमें 16 लोगों के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई, जिसमें वेल्हम गर्ल्स स्कूल की छह छात्राएं भी शामिल हैं।
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एक ही स्कूल में छह छात्राओं के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भौचक है। कोरोना सर्विलांस अधिकारी व एसीएमओ डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि वेल्हम गर्ल्स हाईस्कूल की जिन छह छात्राओं में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है, उनकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। ऐसे में छात्राएं कहां और कैसे कोरोना संक्रमित हो गईं, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल कोरोना संक्रमित सभी छात्राओं को उनके घरों में ही आइसोलेट कर दिया गया है। स्कूल व आसपास के इलाकों को मिनी कंटेनमेंट जोन बनाया जा रहा है। दूसरी ओर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उप्रेती ने बताया कि एक जनवरी 2022 के बाद जिले में 32,990 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई, जिसमें से ज्यादातर लोग ठीक हो चुके हैं।
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बताया कि फिलहाल जिले में सिर्फ कोरोना संक्रमण के 80 एक्टिव मामले हैं। जहां तक आरटीपीसीआर जांच का सवाल है तो एक जनवरी 2022 से लेकर अब तक जिले में 3,96,638 लोगों की जांच की जा चुकी है। वहीं, संक्रमण से मौतों का सवाल है तो 174 मरीजों की मौत हो चुकी है। सीएमओ ने बताया कि कोरोना संक्रमण रोकने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर संभव कदम उठाए गए हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज की पुख्ता व्यवस्था है।