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Dehradun News: पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख और कनिष्ठ प्रमुख के कार्यकर्ता के बीच जमकर मारपीट
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Iदोनों पक्षों ने पुलिस को अब तक नहीं दी तहरीर, समझौता भी हो गयाI
ब्लॉक मुख्यालय परिसर में कैंटीन के टेंडर को लेकर पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख और कनिष्ठ प्रमुख के एक कार्यकर्ता के बीच विवाद हो गया। विवाद के बाद दोनों के बीच जमकर हाथापाई हुई। लोगों ने बीचबचाव कर दोनों अलग किया। इस दौरान दोनों पक्षों के लोगों ने परिसर में जमकर हंगामा काटा। पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख ने ब्लॉक में टेंडर में धांधली, बाहरी लोगों ने आवास आवंटन और दलाली बढ़ने का आरोप लगाया। फिलहाल दोनों पक्षों ने थाना पुलिस को तहरीर नहीं दी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों में समझौता हो गया है।
सोमवार को कालसी ब्लॉक में कैंटीन के आवंटन की प्रकिया चल रही थी। इस दौरान पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख राजेंद्र जोशी ब्लॉक में पहुंचे। उन्होंने टेंडर की प्रक्रिया की समयावधि केवल चार दिन करने पर आपत्ति जताई। कहा कि टेंडर की प्रक्रिया की समयावधि नियमानुसार 15 दिन होनी चाहिए। इस दौरान कनिष्ठ प्रमुख के कार्यकर्ता इसका विरोध करने लगे। कनिष्ठ प्रमुख के एक कार्यकर्ता दिगंबर सिंह चौहान और राजेंद्र जोशी के बीच बहस हो गई। विवाद बढ़ा तो दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। मौके के मौजूद दोनों पक्षों के लोगों ने उन्हें अलग किया। उसके बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख ने आरोप लगाया कि ब्लॉक के एक जनप्रतिनिधि के इशारे पर अपने करीबियों को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया की समयावधि को कम किया गया। ताकि, अन्य लोग टेंडर प्रक्रिया में प्रतिभाग न कर सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्लॉक में बाहरी लोगों को आवास आवंटित किए जा रहे हैं। इससे ब्लॉक में आने वाली महिला जनप्रतिनिधियों और फरियादियों के लिए सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो गया है। कहा कि ब्लॉक में दलाली तंत्र मजबूत होता जा रहा है। बिना लेन-देन के ब्लॉक में कोई भी कार्य नहीं होता है। सुबह से दोपहर तक ब्लॉक में दोनों पक्षों के लोगों की भीड़ जुटी रही। उसके बाद ब्लॉक प्रशासन ने टेंडर को निरस्त कर दिया। दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की बात सामने आ रही है।
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ब्लॉक मुख्यालय परिसर में कैंटीन के टेंडर को लेकर पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख और कनिष्ठ प्रमुख के एक कार्यकर्ता के बीच विवाद हो गया। विवाद के बाद दोनों के बीच जमकर हाथापाई हुई। लोगों ने बीचबचाव कर दोनों अलग किया। इस दौरान दोनों पक्षों के लोगों ने परिसर में जमकर हंगामा काटा। पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख ने ब्लॉक में टेंडर में धांधली, बाहरी लोगों ने आवास आवंटन और दलाली बढ़ने का आरोप लगाया। फिलहाल दोनों पक्षों ने थाना पुलिस को तहरीर नहीं दी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों में समझौता हो गया है।
सोमवार को कालसी ब्लॉक में कैंटीन के आवंटन की प्रकिया चल रही थी। इस दौरान पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख राजेंद्र जोशी ब्लॉक में पहुंचे। उन्होंने टेंडर की प्रक्रिया की समयावधि केवल चार दिन करने पर आपत्ति जताई। कहा कि टेंडर की प्रक्रिया की समयावधि नियमानुसार 15 दिन होनी चाहिए। इस दौरान कनिष्ठ प्रमुख के कार्यकर्ता इसका विरोध करने लगे। कनिष्ठ प्रमुख के एक कार्यकर्ता दिगंबर सिंह चौहान और राजेंद्र जोशी के बीच बहस हो गई। विवाद बढ़ा तो दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। मौके के मौजूद दोनों पक्षों के लोगों ने उन्हें अलग किया। उसके बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
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पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख ने आरोप लगाया कि ब्लॉक के एक जनप्रतिनिधि के इशारे पर अपने करीबियों को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया की समयावधि को कम किया गया। ताकि, अन्य लोग टेंडर प्रक्रिया में प्रतिभाग न कर सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्लॉक में बाहरी लोगों को आवास आवंटित किए जा रहे हैं। इससे ब्लॉक में आने वाली महिला जनप्रतिनिधियों और फरियादियों के लिए सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो गया है। कहा कि ब्लॉक में दलाली तंत्र मजबूत होता जा रहा है। बिना लेन-देन के ब्लॉक में कोई भी कार्य नहीं होता है। सुबह से दोपहर तक ब्लॉक में दोनों पक्षों के लोगों की भीड़ जुटी रही। उसके बाद ब्लॉक प्रशासन ने टेंडर को निरस्त कर दिया। दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की बात सामने आ रही है।
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