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Dehradun News: विकासनगर में एक ऐसा जगह भी, 1800 मीटर की दूरी के लिए 18 किलोमीटर का फेरा
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विकासखंड विकासनगर के पष्टा और ढलानी गांव के बीच सड़क और पुल निर्माण नहीं होने से बिन्हार क्षेत्र की तीन हजार की आबादी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में लोगों को विकासनगर पहुंचने के लिए वाया रूद्रपुर और कोटड़ा होते हुए करीब 18 किमी दूरी नापनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि सड़क बन जाने से यह दूरी महज 1800 मीटर ही रह जाएगी। वहीं, क्षेत्र के लोग आसानी से जिला मुख्यालय भी पहुंच सकेंगे।
बिन्हार क्षेत्र विकासखंड विकासनगर का दुर्गम क्षेत्र है। पपड़ियान, भूड़, तौली, लांघा, पष्टा, पीपलसार, पसोली, डूंगा, डूंगाखेत आदि गांव इससे जुड़े हैं। इन गांवों की आबादी करीब तीन हजार है। ग्राम सभा पष्टा और ढलानी के बीच सड़क न होने से यहां के लोगों को देहरादून, होरावाला, तिलवाड़ी जाने के लिए वाया रूद्रपुर होकर सफर करना पड़ता है। इसके लिए 18 किमी की अतिरिक्त दूरी नापनी पड़ती है। स्थानीय निवासी मंजीत सिंह तोमर, रामपाल सिंह तोमर, केदार सिंह रावत, जगदीश्वर चौहान का कहना है कि मोठी नदी के दोनों ओर लोगों की रिश्तेदारी और खेती है। स्थानीय लोग लंबे समय से दोनों क्षेत्रों को जोड़ने के लिए सड़क और मोठी नदी पर पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। फिलहाल लोग कच्चे मार्ग और नदी को पार कर इधर से उधर आते जाते हैं। बरसात में नदी के उफान पर आने पर आवाजाही नहीं हो पाती।
लोनिवि निर्माण खंड देहरादून के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने कहा कि सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली थी, लेकिन वन विभाग ने मेरिट के आधार पर प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया था। वन भूमि प्रकरण को पुर्नजीवित करने के लिए अपर वन संरक्षक को पत्र लिखा गया है।
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बिन्हार क्षेत्र विकासखंड विकासनगर का दुर्गम क्षेत्र है। पपड़ियान, भूड़, तौली, लांघा, पष्टा, पीपलसार, पसोली, डूंगा, डूंगाखेत आदि गांव इससे जुड़े हैं। इन गांवों की आबादी करीब तीन हजार है। ग्राम सभा पष्टा और ढलानी के बीच सड़क न होने से यहां के लोगों को देहरादून, होरावाला, तिलवाड़ी जाने के लिए वाया रूद्रपुर होकर सफर करना पड़ता है। इसके लिए 18 किमी की अतिरिक्त दूरी नापनी पड़ती है। स्थानीय निवासी मंजीत सिंह तोमर, रामपाल सिंह तोमर, केदार सिंह रावत, जगदीश्वर चौहान का कहना है कि मोठी नदी के दोनों ओर लोगों की रिश्तेदारी और खेती है। स्थानीय लोग लंबे समय से दोनों क्षेत्रों को जोड़ने के लिए सड़क और मोठी नदी पर पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। फिलहाल लोग कच्चे मार्ग और नदी को पार कर इधर से उधर आते जाते हैं। बरसात में नदी के उफान पर आने पर आवाजाही नहीं हो पाती।
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लोनिवि निर्माण खंड देहरादून के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने कहा कि सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली थी, लेकिन वन विभाग ने मेरिट के आधार पर प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया था। वन भूमि प्रकरण को पुर्नजीवित करने के लिए अपर वन संरक्षक को पत्र लिखा गया है।
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