फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   There is no longer any dispute of assets between Uttarakhand and Uttar Pradesh: Yogi Adityanath

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच परिसंपत्तियों का अब कोई विवाद नहीं : योगी आदित्यनाथ

Mon, 16 Nov 2020 08:54 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 16 Nov 2020 08:54 PM IST
विज्ञापन
There is no longer any dispute of assets between Uttarakhand and Uttar Pradesh: Yogi Adityanath
योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच परिसंपत्तियों को लेकर अब कोई विवाद नहीं है। कुछेक मसले यदि रह भी गए होंगे तो दोनों सरकारें बैठकर उनका समाधान निकाल लेंगी।

विज्ञापन


योगी रविवार को केदारनाथ धाम पहुंचे थे। सोमवार को लगातार बर्फबारी के कारण वह बदरीनाथ धाम नहीं जा सके। इस दौरान उन्होंने मीडियाकर्मियों से बातचीत की। दोनों राज्यों के बीच परिसंपत्ति विवाद के मसले पर योगी ने कहा कि तकरीब सभी मुख्य विवादों को हम सुलझा चुके हैं।
विज्ञापन


हरिद्वार में अलकनंदा अतिथि गृह का मामला न्यायालय में चल रहा था। दोनों सरकारों के बीच सहमति बनी और हमने तय किया कि अतिथि गृह उत्तराखंड सरकार को देंगे। उसके पास स्थित भूमि पर उत्तर प्रदेश का नया अतिथि गृह बनाया जा रहा है। दिसंबर तक यह अतिथि गृह बनकर तैयार हो जाएगा। कुंभ से पहले इसका शुभारंभ कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम में भी उत्तर प्रदेश सरकार का अतिथि गृह बनाया जा रहा है। मौसम अनुकूल होगा तो वह बदरीनाथ धाम जाकर अतिथि गृह का शिलान्यास करेंगे। केदारनाथ धाम में हो रहे पुनर्निर्माण कार्यों को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के कुशल मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार यहां बहुत बेहतर कार्य कर रही है।

रोडवेज की परिसंपत्तियों का हल चाहता है उत्तराखंड

उत्तराखंड सरकार रोडवेज की परिसंपत्तियों के बंटवारे का हल चाहती है। पिछले दो दशक से यह विवाद चल रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आश्वासन पर अब इस विवाद के हल होने की उम्मीद जगी है।

जिन चार परिसंपत्तियों को लेकर अभी तक विवाद नहीं सुलझा है, उनमें कानपुर स्थित परिवहन निगम की कार्यशाला और एलेन फारेस्ट कार्यशाला, लखनऊ स्थित टिहरी कोठी परिवहन निगम मुख्यालय के साथ ही अजमेरी गेट नई दिल्ली स्थित परिसंपत्तियां हैं।

राज्य गठन के समय यह सहमति बनी थी कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम उत्तराखंड को 13.24 फीसदी हिस्सा देगा। जिनकी मौजूदा बाजार दर करीब 800 करोड़ रुपये है। उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने इसे लेकर हाईकोर्ट में वाद दाखिल कर दिया था। तब से यह विवाद जारी है। उत्तराखंड सरकार रोडवेज की इन परिसंपत्तियों का हल चाहती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed