फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   There is no CT scan and MRI facility in any government

उपेक्षा : सीटी स्कैन और एमआरआई नहीं, जांच के लिए घायल हो रहे रेफर

Thu, 21 Sep 2023 11:07 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 21 Sep 2023 11:07 AM IST
विज्ञापन
There is no CT scan and MRI facility in any government

विज्ञापन



जौनसार बावर और विकासनगर में नहीं है सुविधा

गंभीर रूप से घायल मरीजों के उपचार में समय होता है महत्वपूर्ण

जौनसार बावर और विकासनगर के किसी भी सरकारी अस्पताल में सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा नहीं है। अस्पताल में दुर्घटना के बाद उपचार के लिए लाए जाने वाले घायलों को सीटी स्कैन और एमआरआई न होने के चलते देहरादून रेफर कर दिया जाता है। घायल को देहरादून में उपचार के लिए पहुंचाने में एक से डेढ़ घंटे का और समय लगता है, जिससे कई बार मरीज के जीवन पर ही संकट आ जाता है।

जौनसार क्षेत्र और विकासनगर में बड़े सरकारी अस्पताल तो बनाए गए, पर चिकित्सकीय संसाधनों के अभाव में ये अस्पताल रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं। सीएचसी साहिया, कालसी, उप जिला अस्पताल विकासनगर कहीं भी सीटी स्कैन और एमआरआई की जांच सुविधा नहीं है।
विज्ञापन


दुर्घटना में घायल होने वाले अधिकांश मरीजों के सिर और शरीर की अंदरूनी चोटों का पता लगाने के लिए सीटी स्कैन और एमआरआई जांच करवाई जाती है। जांच रिपोर्ट में समस्या का पता चलने पर तत्काल उपचार शुरू किया जाता है। सीएचसी साहिया और कालसी तो दूर की बात है पूरे जौनसार क्षेत्र की लाइफलाइन उप जिला अस्पताल में भी सीटी स्कैन और एमआरआई जांच की सुविधा नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन




जौनसार क्षेत्र में आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती है। कई लोग गिरने से भी घायल होते है। उपचार की आस में मरीज उप जिला अस्पताल आते हैं, यहां पता चलता है सीटी स्कैन और एमआरआई जांच के लिए देहरादून जाना पड़ेगा।





नए अस्पताल से सुविधाओं की आस



डाकपत्थर में नया अस्पताल भवन तैयार किया जा रहा है। विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने अस्पताल के शिलान्यास के दौरान हृदय रोग विशेषज्ञ, न्यूरोलॉजिस्ट और ट्राॅमा सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाने का दावा किया था। अगर ऐसा होता है तो अस्पताल में सीटी स्कैन और एमआरआई का रास्ता भी साफ हो जाएगा।






एक महीने में नौ मरीज हुए रेफर



उप जिला अस्पताल में दुर्घटना के बाद 11 मरीजों को अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया। इनमें से नौ मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई जांच की जरूरत थी, लेकिन सुविधा न होने के चलते चिकित्सकों ने मरीजों को दून अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल के पास सर्जन और हड्डी रोग विशेषज्ञ दोनों ही हैं। जांच की सुविधा होती तो मरीजों का तत्काल उपचार शुरू हो पाता।







वर्जन

विधायक की ओर से नए अस्पताल भवन में ट्राॅमा सेंटर बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अगर ट्रॉमा सेंटर बनता है तो अस्पताल में सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी सुविधाओं के प्रस्ताव भी शासन को भेजे जाएंगे।

- डॉ. विजय सिंह, चिकित्सा अध्यीक्षक, उप जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed