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Dehradun News: गर्भवतियों को प्रसव के लिए जाना पड़ रहा सहसपुर और प्रेमनगर
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Iमातृत्व एवं शिशु कल्याण केंद्र राजावाला में आठ माह से नहीं हैं नर्स
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Iनर्स को सीएचसी सहसपुर में किया गया है अटैचI
मातृत्व एवं शिशु कल्याण केंद्र राजावाला में पिछले आठ माह से नर्स नहीं हैं। गभर्वतियों को प्रसव के लिए सीएचसी सहसपुर या उप जिला अस्पताल प्रेमनगर जाना पड़ रहा है। नर्स को सीएचसी सहसपुर में अटैच किया गया है। मजबूरी में तीमारदार आसपास के निजी अस्पतालों में गर्भवतियों को प्रसव के लिए लेकर जाते हैं।
राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजावाला स्थित मातृ एवं शिशु कल्याण केंद्र क्षेत्र के नौ उप केंद्रों से जुड़ा है। इसमें भाऊवाला, तिलवाड़ी, डूंगा, झाझरा, सुद्धोवाला, कोटडा, आमवाला, पौंधा, राजावाला शामिल हैं। पहले यहां गर्भवतियों को प्रसव की सुविधा मिलती थी। करीब आठ माह पहले नर्स को अचानक सीएचसी सहसपुर से अटैच कर दिया गया। इसके बाद से उपकेंद्र में प्रसव नहीं हो रहे हैं। गर्भवतियों को 11 किमी दूर सीएचसी सहसपुर या 18 किमी दूर स्थित उप जिला अस्पताल प्रेमनगर लेकर जाना पड़ता है। इमरजेंसी में कई बार तीमारदार गर्भवतियों को निजी अस्पताल में लेकर जाते हैं। इससे उन्हें मंहगी फीस भी देनी पड़ रही है।
Iकई बार की शिकायत, लेकिन नहीं सुनी बातI
पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमेश चंद्र विश्वकर्मा, दीपक कुमार, मनोज सिंह, उदित देवेंद्र पाल ने बताया कि कई बार अस्पताल में जाकर शिकायत की गई। कभी कोराना काल तो कभी चारधाम यात्रा ड्यूटी की बात कह कर अस्पताल प्रशासन पल्ला झाड़ दिया। केंद्र में प्रसव की सुविधा बंद होने से सबसे अधिक परेशानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को उठानी पड़ रही है।
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Iनर्स को सीएचसी सहसपुर में अटैच किया गया है। प्रसव के लिए गर्भवतियों को सहसपुर और प्रेमनगर भेजा जा रहा है। जल्द ही नर्सों की भर्ती होनी है। इसके बाद समस्या दूर हो जाएगी।
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I-डॉ. चंद्रशेखर पंत, प्रभारी चिकित्साधिकारी, पीएचसी, राजावालाI
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Iनर्स को सीएचसी सहसपुर में किया गया है अटैचI
मातृत्व एवं शिशु कल्याण केंद्र राजावाला में पिछले आठ माह से नर्स नहीं हैं। गभर्वतियों को प्रसव के लिए सीएचसी सहसपुर या उप जिला अस्पताल प्रेमनगर जाना पड़ रहा है। नर्स को सीएचसी सहसपुर में अटैच किया गया है। मजबूरी में तीमारदार आसपास के निजी अस्पतालों में गर्भवतियों को प्रसव के लिए लेकर जाते हैं।
राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजावाला स्थित मातृ एवं शिशु कल्याण केंद्र क्षेत्र के नौ उप केंद्रों से जुड़ा है। इसमें भाऊवाला, तिलवाड़ी, डूंगा, झाझरा, सुद्धोवाला, कोटडा, आमवाला, पौंधा, राजावाला शामिल हैं। पहले यहां गर्भवतियों को प्रसव की सुविधा मिलती थी। करीब आठ माह पहले नर्स को अचानक सीएचसी सहसपुर से अटैच कर दिया गया। इसके बाद से उपकेंद्र में प्रसव नहीं हो रहे हैं। गर्भवतियों को 11 किमी दूर सीएचसी सहसपुर या 18 किमी दूर स्थित उप जिला अस्पताल प्रेमनगर लेकर जाना पड़ता है। इमरजेंसी में कई बार तीमारदार गर्भवतियों को निजी अस्पताल में लेकर जाते हैं। इससे उन्हें मंहगी फीस भी देनी पड़ रही है।
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Iकई बार की शिकायत, लेकिन नहीं सुनी बातI
पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमेश चंद्र विश्वकर्मा, दीपक कुमार, मनोज सिंह, उदित देवेंद्र पाल ने बताया कि कई बार अस्पताल में जाकर शिकायत की गई। कभी कोराना काल तो कभी चारधाम यात्रा ड्यूटी की बात कह कर अस्पताल प्रशासन पल्ला झाड़ दिया। केंद्र में प्रसव की सुविधा बंद होने से सबसे अधिक परेशानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को उठानी पड़ रही है।
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Iनर्स को सीएचसी सहसपुर में अटैच किया गया है। प्रसव के लिए गर्भवतियों को सहसपुर और प्रेमनगर भेजा जा रहा है। जल्द ही नर्सों की भर्ती होनी है। इसके बाद समस्या दूर हो जाएगी।
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I-डॉ. चंद्रशेखर पंत, प्रभारी चिकित्साधिकारी, पीएचसी, राजावालाI