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ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी हथियारों की शक्ति को विश्व ने देखा : धामी
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-बलिदानियों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को बढ़ाकर 50 लाख किया
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत रक्षा सामग्री निर्यात करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत के स्वदेशी हथियारों की शक्ति को विश्व ने देखा और सराहा है।
रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में अर्पित फाउंडेशन की ओर से आयोजित प्राइड मूवमेंट सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों व जवानों का सम्मान करते हुए उनके साहस, समर्पण और राष्ट्र सेवा भावना की सराहना की। सीएम ने कहा कि सशस्त्र सीमा बल ने पिछले छह दशकों से आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, आतंकवाद, नक्सलवाद तथा आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में अदम्य साहस व समर्पण के साथ कार्य करते हुए देश की सुरक्षा सुनिश्चित की है। राज्य सरकार सेना व अर्धसैनिक बलों के जवानों के साथ उनके परिवारों के कल्याण के लिए लगातार नए निर्णय ले रही है। बलिदानियों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया। वहीं, वीरता पदक से अलंकृत जवानों को मिलने वाली सम्मान राशि में भी वृद्धि की गई है।
सीएम ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांवों के विकास व सशक्तिकरण की दिशा में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इससे सीमांत क्षेत्रों में आवागमन सुगम होने के साथ पर्यटन, व्यापार व सामरिक विकास को भी नई मजबूती मिली है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, निरंजनी पीठाधीश्वर आचार्य कैलाशानंद महाराज, डीआईजी एसएसबी सुधांशु नौटियाल, अर्पित फाउंडेशन से हनी पाठक मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत रक्षा सामग्री निर्यात करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत के स्वदेशी हथियारों की शक्ति को विश्व ने देखा और सराहा है।
रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में अर्पित फाउंडेशन की ओर से आयोजित प्राइड मूवमेंट सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों व जवानों का सम्मान करते हुए उनके साहस, समर्पण और राष्ट्र सेवा भावना की सराहना की। सीएम ने कहा कि सशस्त्र सीमा बल ने पिछले छह दशकों से आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, आतंकवाद, नक्सलवाद तथा आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में अदम्य साहस व समर्पण के साथ कार्य करते हुए देश की सुरक्षा सुनिश्चित की है। राज्य सरकार सेना व अर्धसैनिक बलों के जवानों के साथ उनके परिवारों के कल्याण के लिए लगातार नए निर्णय ले रही है। बलिदानियों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया। वहीं, वीरता पदक से अलंकृत जवानों को मिलने वाली सम्मान राशि में भी वृद्धि की गई है।
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सीएम ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांवों के विकास व सशक्तिकरण की दिशा में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इससे सीमांत क्षेत्रों में आवागमन सुगम होने के साथ पर्यटन, व्यापार व सामरिक विकास को भी नई मजबूती मिली है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, निरंजनी पीठाधीश्वर आचार्य कैलाशानंद महाराज, डीआईजी एसएसबी सुधांशु नौटियाल, अर्पित फाउंडेशन से हनी पाठक मौजूद रहे।
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