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विश्वविद्यालय करेंगे समर्थ पोर्टल का पूरी तरह से संचालन : डॉ. धन सिंह
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कहा, उच्च शिक्षा विभाग में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया करें शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि समर्थ पोर्टल का संचालन पूरी तरह से विश्वविद्यालय की ओर से किया जाएगा। शासन के पास केवल इसकी निगरानी की जिम्मेदारी रहेगी। इसके अलावा विभाग में शिक्षकों एवं कर्मचारियों के खाली पदों को भरने के निर्देश दिए गए हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री ने विधानसभा स्थित सभागार में विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थाओं में सेमेस्टर में 90 दिन व वर्ष में 180 दिन कक्षाओं का संचालन अनिवार्य है। जिसका अनुपालन कराने की जिम्मेदारी संबंधित विश्वविद्यालय व उच्च शिक्षा निदेशालय की होगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को शैक्षणिक कैलेंडर के अनुरूप समय पर प्रवेश प्रक्रिया, दीक्षांत समारोह एवं परीक्षाफल जारी कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को दिए जाने वाली पारितोषिक राशि का समय पर भुगतान किया जाए, मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृति व शैक्षणिक भ्रमण कराने, शिक्षकों को प्रशिक्षण पर भेजने व हर जिले में दो-दो महाविद्यालयों को ऑटोनॉमस बनाने की कार्रवाई की जाए। बैठक में विश्वविद्यालय की ओर से विभिन्न पाठ्यक्रमों की संबद्धता दिए जाने, अशासकीय महाविद्यालय की नियमावली तैयार करने, नए महाविद्यालयों में पद सृजन एवं भूमि एवं भवन की व्यवस्था सहित विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा की गई। बैठक में उपाध्यक्ष उत्तराखंड उच्च शिक्षा उन्नयन समिति डॉ देवेन्द्र भसीन, जयपाल सिंह चैहान, सचिव उच्च शिक्षा रंजीत सिन्हा, अपर सचिव मनुज गोयल आदि मौजूद रहे।
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देहरादून। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि समर्थ पोर्टल का संचालन पूरी तरह से विश्वविद्यालय की ओर से किया जाएगा। शासन के पास केवल इसकी निगरानी की जिम्मेदारी रहेगी। इसके अलावा विभाग में शिक्षकों एवं कर्मचारियों के खाली पदों को भरने के निर्देश दिए गए हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री ने विधानसभा स्थित सभागार में विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थाओं में सेमेस्टर में 90 दिन व वर्ष में 180 दिन कक्षाओं का संचालन अनिवार्य है। जिसका अनुपालन कराने की जिम्मेदारी संबंधित विश्वविद्यालय व उच्च शिक्षा निदेशालय की होगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को शैक्षणिक कैलेंडर के अनुरूप समय पर प्रवेश प्रक्रिया, दीक्षांत समारोह एवं परीक्षाफल जारी कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
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प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को दिए जाने वाली पारितोषिक राशि का समय पर भुगतान किया जाए, मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृति व शैक्षणिक भ्रमण कराने, शिक्षकों को प्रशिक्षण पर भेजने व हर जिले में दो-दो महाविद्यालयों को ऑटोनॉमस बनाने की कार्रवाई की जाए। बैठक में विश्वविद्यालय की ओर से विभिन्न पाठ्यक्रमों की संबद्धता दिए जाने, अशासकीय महाविद्यालय की नियमावली तैयार करने, नए महाविद्यालयों में पद सृजन एवं भूमि एवं भवन की व्यवस्था सहित विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा की गई। बैठक में उपाध्यक्ष उत्तराखंड उच्च शिक्षा उन्नयन समिति डॉ देवेन्द्र भसीन, जयपाल सिंह चैहान, सचिव उच्च शिक्षा रंजीत सिन्हा, अपर सचिव मनुज गोयल आदि मौजूद रहे।
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