{"_id":"65d10d8a601f5c215f0f5656","slug":"the-team-from-dehradun-conducted-surprise-inspection-dehradun-news-c-5-1-drn1031-352371-2024-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun: नशा मुक्ति केंद्रों में एक कमरे में ठूसे थे मरीज, एएनटीएफ की टीम पहुंची अचानक...दिखा ऐसा हाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun: नशा मुक्ति केंद्रों में एक कमरे में ठूसे थे मरीज, एएनटीएफ की टीम पहुंची अचानक...दिखा ऐसा हाल
Sun, 18 Feb 2024 09:06 AM IST
देहरादून ब्यूरो
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 18 Feb 2024 09:06 AM IST
सार
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि जिले की एएनटीएफ नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी बीच एक टीम को शहर में चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाएं परखने की जिम्मेदारी भी दी गई है। इसी के तहत एएनटीएफ की टीम ने वसंत विहार और पटेलनगर थाना क्षेत्रों के नशा मुक्ति केंद्रों का औचक निरीक्षण किया था।
विज्ञापन
एसएसपी अजय सिंह
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) देहरादून की टीम ने शनिवार को कई नशा मुक्ति केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दो नशा मुक्ति केंद्र ऐसे मिले जिनमें एक-एक कमरे में निर्धारित संख्या से ज्यादा मरीज थे। मरीजों का भौतिक सत्यापन भी नहीं कराया गया।
विज्ञापन
नशा मुक्ति केंद्र के लिए इन दोनों ने रजिस्ट्रेशन के लिए भी आवेदन नहीं किया। इसके बाद इन दोनों केंद्रों का पुलिस एक्ट में चालान किया गया। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि जिले की एएनटीएफ नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी बीच एक टीम को शहर में चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाएं परखने की जिम्मेदारी भी दी गई है। इसी क्रम में एएनटीएफ की टीम ने शनिवार को वसंत विहार और पटेलनगर थाना क्षेत्रों के नशा मुक्ति केंद्रों का औचक निरीक्षण किया था।
विज्ञापन
इस दौरान कई केंद्र ऐसे थे जहां पर नियमों का पालन हो रहा था। ऐसे में यहां पर टीम ने मरीजों की काउंसिलिंग भी की। इसके बाद टीमें नई सुबह और जीवन संजीवनी नाम के नशा मुक्ति केंद्रों में पहुंची थीं। यहां पर मरीजों को नियमानुसार नहीं रखा गया था।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: पहाड़ी क्षेत्रों में गर्भवतियों को राहत...अब सड़क तक पहुंचाने के लिए 250 डंडी-कंडी खरीदेगा विभाग
यहां यह भी देखा गया कि जो लोग यहां भर्ती हैं उनका भौतिक सत्यापन किया गया है या नहीं। इसके बाद स्थानीय पुलिस को बुलाकर वहां पर सत्यापन की स्थिति को परखा गया। इन दोनों केंद्रों में मरीजों का भौतिक सत्यापन नहीं कराया गया था। इन केंद्रों के पुलिस एक्ट के तहत चालान किए गए हैं। नियमानुसार एक कमरे में निर्धारित दूरी पर ही मरीजों को रखना होता है। साफ सफाई का भी ध्यान रखना होता है। लेकिन, कई केंद्रों में इन नियमों का पालन नहीं हो रहा था।