{"_id":"691349c141b5de4fc00f5179","slug":"the-system-is-collapsing-due-to-the-work-boycott-vikas-nagar-news-c-39-1-sdrn1026-126396-2025-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: उपनलकर्मियों के कार्य बहिष्कार के चलते चरमरा रही व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: उपनलकर्मियों के कार्य बहिष्कार के चलते चरमरा रही व्यवस्था
विज्ञापन
- उप जिला अस्पताल में कार्यरत 22 उपनलकर्मी सोमवार को चले गए अवकाश पर
संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। उपनलकर्मियों के कार्य बहिष्कार के कारण उप जिला अस्पताल में व्यवस्था चरमराने लगी है। अस्पताल प्रशासन किसी तरह वैकल्पिक व्यवस्था को चलाने का प्रयास कर रहा है। कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों के पंजीकरण, जांंच शुल्क जमा करने और दवा वितरण वार्डों में उपचार मुहैया कराने में दिक्कत आ रही है। उप जिला अस्पताल में 22 उपनलकर्मी कार्यरत हैं। सोमवार से सभी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले गए थे। अस्पताल प्रशासन की ओर से पंजीकरण, जांच शुल्क, दवा वितरण काउंटर, वार्डों, ऑपरेशन थियेटर में वैकल्पिक कर्मचारियों की व्यवस्था की गई, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत पर्चा बनाने और जांच शुल्क जमा करने में हो रही है। दवा वितरण में काफी समय लग रहा है। ओटी में ऑपरेशन किए जा रहे हैं। अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रदीप चौहान ने बताया कि फिलहाल व्यवस्था को चलाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन लंबे समय तक कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार पर रहने से समस्याएं पैदा होंगी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। उपनलकर्मियों के कार्य बहिष्कार के कारण उप जिला अस्पताल में व्यवस्था चरमराने लगी है। अस्पताल प्रशासन किसी तरह वैकल्पिक व्यवस्था को चलाने का प्रयास कर रहा है। कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों के पंजीकरण, जांंच शुल्क जमा करने और दवा वितरण वार्डों में उपचार मुहैया कराने में दिक्कत आ रही है। उप जिला अस्पताल में 22 उपनलकर्मी कार्यरत हैं। सोमवार से सभी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले गए थे। अस्पताल प्रशासन की ओर से पंजीकरण, जांच शुल्क, दवा वितरण काउंटर, वार्डों, ऑपरेशन थियेटर में वैकल्पिक कर्मचारियों की व्यवस्था की गई, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत पर्चा बनाने और जांच शुल्क जमा करने में हो रही है। दवा वितरण में काफी समय लग रहा है। ओटी में ऑपरेशन किए जा रहे हैं। अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रदीप चौहान ने बताया कि फिलहाल व्यवस्था को चलाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन लंबे समय तक कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार पर रहने से समस्याएं पैदा होंगी।