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Dehradun News: तीन बजे मकान से आई आवाजों ने डराया, बाहर निकले तो ढह गया आशियाना
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Iमस्जिद वाली गली के शाहीद अंसारी के मकान से एक घंटा पहले आई थीं आवाजें
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Iकारगी ग्रांट में शनिवार की रात की बारिश से डर का माहौल था। शाहीद अंसारी का पूरा परिवार सो रहा था, लेकिन उन्हें नींद नहीं आ रही थी। दो बजे के बाद जब बारिश तेज हुई तो उन्हें कुछ गलत होने का अंदेशा लगने लगा। हुआ भी कुछ यूं ही कि तीन बजे मकान की नींव और दरवाजों से खड़खड़ की आवाजें आने लगीं। इन आवाजों ने शाहीद अंसारी को डरा दिया। उन्होंने परिवार के बड़े और बच्चों को उठाया और एकाएक बाहर आ गए। भीगते हुए उन्होंने अपने मकान का सामान तो समेटा ही साथ में अपने पड़ोसी शहीद इद्रीशी को भी जगाया। उन्होंने इद्रीशी के परिवार की भी बाहर निकलने में मदद की। करीब एक घंटे के भीतर जितना सामान निकाल सके निकाला। अगले ही पल दोनों के मकान भरभराकर नदी में गिर गए। थोड़ी देर बाद ही और लोगों की आवाजें आना शुरू हो गईं। सुबह चार बजे लोग बारिश में भीगते हुए बाहर सड़क पर खड़े हुए थे। यहां दो और मकानों में दरारें आ गई थीं। अंसारी और उनके पड़ोसी ने इन परिवारों की मदद कर उन्हें बाहर निकाला।I
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Iकारगी ग्रांट में शनिवार की रात की बारिश से डर का माहौल था। शाहीद अंसारी का पूरा परिवार सो रहा था, लेकिन उन्हें नींद नहीं आ रही थी। दो बजे के बाद जब बारिश तेज हुई तो उन्हें कुछ गलत होने का अंदेशा लगने लगा। हुआ भी कुछ यूं ही कि तीन बजे मकान की नींव और दरवाजों से खड़खड़ की आवाजें आने लगीं। इन आवाजों ने शाहीद अंसारी को डरा दिया। उन्होंने परिवार के बड़े और बच्चों को उठाया और एकाएक बाहर आ गए। भीगते हुए उन्होंने अपने मकान का सामान तो समेटा ही साथ में अपने पड़ोसी शहीद इद्रीशी को भी जगाया। उन्होंने इद्रीशी के परिवार की भी बाहर निकलने में मदद की। करीब एक घंटे के भीतर जितना सामान निकाल सके निकाला। अगले ही पल दोनों के मकान भरभराकर नदी में गिर गए। थोड़ी देर बाद ही और लोगों की आवाजें आना शुरू हो गईं। सुबह चार बजे लोग बारिश में भीगते हुए बाहर सड़क पर खड़े हुए थे। यहां दो और मकानों में दरारें आ गई थीं। अंसारी और उनके पड़ोसी ने इन परिवारों की मदद कर उन्हें बाहर निकाला।I