गढ़ी कैंट स्थित शौर्य स्थल पर बुधवार को 10वां सशस्त्र बल भूतपूर्व सैनिक दिवस (वेटरन्स डे) मनाया गया। इस दौरान 1947 के वीर योद्धाओं का स्मरण किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने वीर बलिदानियों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने वीर नारियों और पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। राज्यपाल ने भूतपूर्व सैनिकों, सेवारत जवानों और वीर नारियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि सैनिक कभी पूर्व नहीं होता। वह अंतिम सांस तक राष्ट्र रक्षक रहता है। पूर्व सैनिकों ने पूरे जीवन ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ के मंत्र को जिया है। एक सैनिक युद्धभूमि में ही नहीं, बल्कि नागरिक जीवन में भी अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, नेतृत्व और एकता का उदाहरण प्रस्तुत करता है। पूर्व सैनिक न केवल सीमा की रक्षा करते हैं, बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद भी राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकते हैं। उत्तराखंड में हनी क्रांति, अरोमा क्रांति, मिलेट क्रांति, होमस्टे और स्वयं सहायता समूहों जैसी पहलों में उनका सहयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बलिदानियों के परिवारों और उनके आश्रितों की देखभाल हमारा परम कर्तव्य है। वीर नारियां त्याग और धैर्य की प्रतिमूर्ति हैं, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा में अपार कष्ट सहा है। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने राज्य सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं और पहलों की जानकारी साझा की। वहीं उत्तराखंड सब एरिया के जीओसी मेजर जनरल एमपीएस गिल ने कहा कि पूर्व सैनिकों का योगदान और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरक रहेगा। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आए पूर्व सैनिकों ने भाग लिया। सेना, नौसेना और वायु सेना के सेवारत अधिकारियों, जेसीओ और अन्य रैंक के जवानों के साथ एनसीसी कैडेट्स की उपस्थिति ने कार्यक्रम को प्रेरणादायी स्वरूप दिया।

दसवें ट्राई-सर्विसेज़ वेटरन्स दिवस के अवसर पर चीड़बाग स्थित शौर्य स्थल पर आयोजित श्रद्वांजलि स

दसवें ट्राई-सर्विसेज़ वेटरन्स दिवस के अवसर पर चीड़बाग स्थित शौर्य स्थल पर आयोजित श्रद्वांजलि स

दसवें ट्राई-सर्विसेज़ वेटरन्स दिवस के अवसर पर चीड़बाग स्थित शौर्य स्थल पर आयोजित श्रद्वांजलि स

दसवें ट्राई-सर्विसेज़ वेटरन्स दिवस के अवसर पर चीड़बाग स्थित शौर्य स्थल पर आयोजित श्रद्वांजलि स

दसवें ट्राई-सर्विसेज़ वेटरन्स दिवस के अवसर पर चीड़बाग स्थित शौर्य स्थल पर आयोजित श्रद्वांजलि स