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Dehradun News: अब निदेशालय में अटका नौ करोड़ का स्वच्छताकर्मी फर्जीवाड़ा
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नौ करोड़ का स्वच्छताकर्मी फर्जीवाड़े का मामला अब निदेशालय में अटक गया है। डीएम के आदेश पर हुई मामले की जांच मेें पाया गया कि 99 कर्मचारी दस्तावेज में दिखाए गए, जो वजूद में थे ही नहीं। रिपोर्ट जब निदेशालय पहुंची तो निदेशालय स्तर से एक अन्य जांच बैठा दी गई। इसके बाद भी मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
गौरतलब हो कि देहरादून नगर निगम ने 100 वार्डों में सफाई के लिए स्वच्छता समिति गठित की। प्रत्येक वार्ड में 8 से 12 सफाई कर्मचारी रखे गए। इन्हें वेतन के लिए 15-15 हजार रुपये स्वच्छता समिति की ओर से दिए जाते थे। स्वच्छता कर्मियों को रखने में फर्जीवाड़ा किया गया। तत्कालीन नगर निगम प्रशासक सोनिका ने तत्कालीन सीडीओ झरना कमठान को मामले की जांच सौंपी। इसमें पार्षद से लेकर नगर निगम के अफसरों तक की संलिप्तता पाई गई। टीम ने सत्यापन में पाया कि जिन कर्मचारियों को सफाईकर्मी बताया गया, उनमें से 99 कर्मचारी मौके पर मिले ही नहीं। उनके नाम पर वेतन निकाला जा रहा था, जो कि गलत हाथों में पहुंच रहा था।
डीएम ने नगर आयुक्त गौरव कुमार को कार्रवाई के आदेश दिए, लेकिन जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद शासन ने अब शहरी विकास निदेशालय को मामले की जांच सौंपी है। निदेशालय की कमेटी मामले की जांच कर रही है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि स्वच्छता समिति से जुड़े मामले की जांच शहरी निदेशालय कर रहा है।
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गौरतलब हो कि देहरादून नगर निगम ने 100 वार्डों में सफाई के लिए स्वच्छता समिति गठित की। प्रत्येक वार्ड में 8 से 12 सफाई कर्मचारी रखे गए। इन्हें वेतन के लिए 15-15 हजार रुपये स्वच्छता समिति की ओर से दिए जाते थे। स्वच्छता कर्मियों को रखने में फर्जीवाड़ा किया गया। तत्कालीन नगर निगम प्रशासक सोनिका ने तत्कालीन सीडीओ झरना कमठान को मामले की जांच सौंपी। इसमें पार्षद से लेकर नगर निगम के अफसरों तक की संलिप्तता पाई गई। टीम ने सत्यापन में पाया कि जिन कर्मचारियों को सफाईकर्मी बताया गया, उनमें से 99 कर्मचारी मौके पर मिले ही नहीं। उनके नाम पर वेतन निकाला जा रहा था, जो कि गलत हाथों में पहुंच रहा था।
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डीएम ने नगर आयुक्त गौरव कुमार को कार्रवाई के आदेश दिए, लेकिन जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद शासन ने अब शहरी विकास निदेशालय को मामले की जांच सौंपी है। निदेशालय की कमेटी मामले की जांच कर रही है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि स्वच्छता समिति से जुड़े मामले की जांच शहरी निदेशालय कर रहा है।
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