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Dehradun News: निजी क्षेत्र को दून में सड़क के रखरखाव का काम सौंपा गया
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Iलोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने देहरादून की 40 सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी निजी संस्था को सौंपी है। परफॉर्मेंस बेस्ड मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट के तहत संस्था पांच साल तक 102 किलोमीटर लंबी सड़कों का रखरखाव, सुधारीकरण और डामरीकरण करेगी। इसके लिए 89 करोड़ रुपये का अनुबंध किया गया है। योजना सफल रहने पर इसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है। अभी तक लोनिवि को सड़कों के निर्माण और सुधारीकरण के लिए टेंडर समेत अन्य प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ती हैं, जिसमें समय लगता है। इस प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभाग ने परफॉर्मेंस बेस्ड मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट के तहत सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी निजी क्षेत्र को सौंपने का निर्णय लिया है।I
Iनेटवर्क सर्वे व्हीकल से होगी सड़कों की निगरानीI
Iलोनिवि के मुख्य अभियंता (क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून) दयानंद के अनुसार, संबंधित संस्था को काम सौंप दिया गया है और उसने पैचवर्क भी शुरू कर दिया है। संस्था नेटवर्क सर्वे व्हीकल के माध्यम से सड़कों की स्थिति का आकलन करेगी। इस वाहन में लगे आधुनिक उपकरण सड़क की सतह, समतलता और ऊबड़-खाबड़ हिस्सों को मापते हैं। वहीं, कैमरों की मदद से दरारों और गड्ढों की पहचान की जाती है। सर्वे में सड़क पर खामियां मिलने के बाद उनका सुधारीकरण किया जाएगा। इसके बाद दोबारा सर्वे कर मरम्मत कार्य की गुणवत्ता और स्थिति का आकलन किया जाएगा। लोनिवि के अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों पर इस तरह की व्यवस्था पहले से लागू है। अब देहरादून की सड़कों पर इसे लागू किया गया है। योजना के परिणामों के आधार पर भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी इसे अपनाने पर विचार किया जा सकता है।I
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Iनेटवर्क सर्वे व्हीकल से होगी सड़कों की निगरानीI
Iलोनिवि के मुख्य अभियंता (क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून) दयानंद के अनुसार, संबंधित संस्था को काम सौंप दिया गया है और उसने पैचवर्क भी शुरू कर दिया है। संस्था नेटवर्क सर्वे व्हीकल के माध्यम से सड़कों की स्थिति का आकलन करेगी। इस वाहन में लगे आधुनिक उपकरण सड़क की सतह, समतलता और ऊबड़-खाबड़ हिस्सों को मापते हैं। वहीं, कैमरों की मदद से दरारों और गड्ढों की पहचान की जाती है। सर्वे में सड़क पर खामियां मिलने के बाद उनका सुधारीकरण किया जाएगा। इसके बाद दोबारा सर्वे कर मरम्मत कार्य की गुणवत्ता और स्थिति का आकलन किया जाएगा। लोनिवि के अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों पर इस तरह की व्यवस्था पहले से लागू है। अब देहरादून की सड़कों पर इसे लागू किया गया है। योजना के परिणामों के आधार पर भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी इसे अपनाने पर विचार किया जा सकता है।I
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