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Dehradun News: विद्यालय के जर्जर भवन में जान जोखिम डालकर बच्चे कर रहे पढ़ाई
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जान जोखिम में डालकर पढ़ रहे बच्चे
जर्जर हालत में प्राथमिक विद्यालय का भवन, बारिश में छत से टपकता है पानी
शौचालय क्षतिग्रस्त होने से खुले में शौच को मजबूर छात्र
तहसील क्षेत्र के पूरटाड़ के खेड़ा धनराश में प्राथमिक विद्यालय का भवन बेहद जर्जर हो चुका है। जान जोखिम के डालकर बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। भवन का प्लास्टर उखड़ कर गिर रहा है। बारिश में छत से पानी टपकता है। हाल यह है कि विद्यालय की छत कभी भी गिर सकती है।
वित्त वर्ष 2007-2008 में प्राथमिक विद्यालय खेड़ा धनराश का निर्माण किया गया था। विद्यालय में वर्तमान में 16 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे है। रखरखाव के अभाव में विद्यालय का भवन बेहद जर्जर हो चुका है। बाहर से देखने में भवन बिल्कुल खंडहर की तरह नजर आता है। विद्यालय की छत सीलन के कारण नीचे की ओर झुक गई है।
वहीं अंदर और बाहर से जगह-जगह से भवन का प्लास्टर गिर रहा है। फर्श भी टूटा हुआ है। शौचालय भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। यहां पानी की व्यवस्था भी नहीं है। मौजूदा हाल यह कि छात्र छात्राएं खुले में शौच को मजबूर हैं। विद्यालय के निर्माण के समय चहारदीवारी की गई थी, लेकिन अब सुरक्षा दीवार भी जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है।
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पिछले साल दिसंबर में जर्जर भवन का संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान ने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को भवन की मरम्मत के लिए पत्र लिखा था। आठ महीने बीतने के बाद भी शिक्षा विभाग ने जर्जर भवन की सुध नहीं ली। जिला योजना के तहत भी भवन की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिल पाई। मानसून सीजन में लगातार बारिश के बीच भवन के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में छात्र छात्राएं खतरे के साए में पढ़ने और शिक्षक उनको पढ़ाने के लिए मजबूर हैं।
स्थानीय ग्रामीण ने लिखे 15-20 पत्र, विभाग ने नहीं लिया संज्ञान
पूरटाड़ ग्राम निवासी शांतिराम डोभाल ने बताया कि उनकी ओर से शिक्षा विभाग को विद्यालय के भवन की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया। 15 से 20 पत्र भेजने के बाद विभाग ने जर्जर भवन का संज्ञान नहीं लिया है। जिला पंचायत अध्यक्ष को मामले से अवगत कराया गया था। जिला पंचायत अध्यक्ष ने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को विद्यालय के भवन की मरम्मत के लिए पत्र भी लिखा था, लेकिन विभाग ने मामले का संज्ञान नहीं लिया।
वर्जन
मैंने 2016-17 में विद्यालय में कार्यभार संभाला था। वर्ष 2017 से विभाग को कई बार भवन की मरम्मत के लिए पत्र भी लिखे हैं। विद्यालय के भवन की मरम्मत के लिए बजट नहीं मिल रहा है। - अजय गुप्ता, प्रधानाध्यापक
प्राथमिक विद्यालय के भवन की मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही भवन की मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा। - राजेंद्र रावत, जिला शिक्षाधिकारी बेसिक, देहरादून
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जर्जर हालत में प्राथमिक विद्यालय का भवन, बारिश में छत से टपकता है पानी
शौचालय क्षतिग्रस्त होने से खुले में शौच को मजबूर छात्र
तहसील क्षेत्र के पूरटाड़ के खेड़ा धनराश में प्राथमिक विद्यालय का भवन बेहद जर्जर हो चुका है। जान जोखिम के डालकर बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। भवन का प्लास्टर उखड़ कर गिर रहा है। बारिश में छत से पानी टपकता है। हाल यह है कि विद्यालय की छत कभी भी गिर सकती है।
वित्त वर्ष 2007-2008 में प्राथमिक विद्यालय खेड़ा धनराश का निर्माण किया गया था। विद्यालय में वर्तमान में 16 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे है। रखरखाव के अभाव में विद्यालय का भवन बेहद जर्जर हो चुका है। बाहर से देखने में भवन बिल्कुल खंडहर की तरह नजर आता है। विद्यालय की छत सीलन के कारण नीचे की ओर झुक गई है।
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वहीं अंदर और बाहर से जगह-जगह से भवन का प्लास्टर गिर रहा है। फर्श भी टूटा हुआ है। शौचालय भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। यहां पानी की व्यवस्था भी नहीं है। मौजूदा हाल यह कि छात्र छात्राएं खुले में शौच को मजबूर हैं। विद्यालय के निर्माण के समय चहारदीवारी की गई थी, लेकिन अब सुरक्षा दीवार भी जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है।
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पिछले साल दिसंबर में जर्जर भवन का संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान ने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को भवन की मरम्मत के लिए पत्र लिखा था। आठ महीने बीतने के बाद भी शिक्षा विभाग ने जर्जर भवन की सुध नहीं ली। जिला योजना के तहत भी भवन की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिल पाई। मानसून सीजन में लगातार बारिश के बीच भवन के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में छात्र छात्राएं खतरे के साए में पढ़ने और शिक्षक उनको पढ़ाने के लिए मजबूर हैं।
स्थानीय ग्रामीण ने लिखे 15-20 पत्र, विभाग ने नहीं लिया संज्ञान
पूरटाड़ ग्राम निवासी शांतिराम डोभाल ने बताया कि उनकी ओर से शिक्षा विभाग को विद्यालय के भवन की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया। 15 से 20 पत्र भेजने के बाद विभाग ने जर्जर भवन का संज्ञान नहीं लिया है। जिला पंचायत अध्यक्ष को मामले से अवगत कराया गया था। जिला पंचायत अध्यक्ष ने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को विद्यालय के भवन की मरम्मत के लिए पत्र भी लिखा था, लेकिन विभाग ने मामले का संज्ञान नहीं लिया।
वर्जन
मैंने 2016-17 में विद्यालय में कार्यभार संभाला था। वर्ष 2017 से विभाग को कई बार भवन की मरम्मत के लिए पत्र भी लिखे हैं। विद्यालय के भवन की मरम्मत के लिए बजट नहीं मिल रहा है। - अजय गुप्ता, प्रधानाध्यापक
प्राथमिक विद्यालय के भवन की मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही भवन की मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा। - राजेंद्र रावत, जिला शिक्षाधिकारी बेसिक, देहरादून