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Dehradun News: मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाने वाले मरीजों की संख्या हुई दोगुनी
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IIदून अस्पताल में रोज 16 से 20 मरीजों के हो रहे मोतियाबिंद के ऑपरेशन
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I मौसम के शीत ऋतु में प्रवेश करते ही दून अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर दो गुनी हो गई है। जहां पूर्व के दिनों में अस्पताल में हर रोज आठ से 10 मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन होते थे। वहीं अब वह संख्या बढ़कर 16 से 20 पहुंच गई है। चिकित्सकों के मुताबिक आंखों का ऑपरेशन करवाने के लिए यह मौसम सबसे बेहतर माना जाता है।
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Iदून अस्पताल में इन दिनों में काला और सफेद मोतियाबिंद के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। शुक्रवार को दून अस्पताल में 16 मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए हैं। चिकित्सकों के मुताबिक प्रत्येक वर्ष ठंड के मौसम में मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाने वाले मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखने को मिलती है।
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Iकम उम्र के लोगों में भी बढ़ रहा मोतियाबिंद का खतरा
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Iदून अस्पताल के नेत्र सर्जन डॉ. सुशील ओझा बताते हैं कि सप्ताह में मोतियाबिंद के कम से कम दो मरीज ऐसे में भी सामने आ रहे हैं जिनकी उम्र करीब 30 वर्ष है। इतनी कम उम्र में मोतियाबिंद होना काफी चिंता का विषय है। इसके पीछे की मुख्य वजह अनियमित खान-पान है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ रहा है।
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I-ऑपरेशन के बाद मरीजों को बरतनी होंगी यह सावधानियां
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I1-आंख में डालने वाले ड्रॉप को खुले में न रखें
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I2- हाथ धोकर दवा डालें
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I3- अधिक से अधिक पानी पीते रहें।
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I4- ताजे खाद्य पदार्थों का सेवन करें
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Iअस्पताल में मोतियाबिंद के काफी मरीज देखने को मिल रहे हैं। लेजर विधि से मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इससे मरीजों की आंख में बहुत छोटा सा चीरा लगाकर ही ऑपरेशन हो जाता है। -डॉ. सुशील ओझा, नेत्र सर्जन दून अस्पतालI
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IIदून अस्पताल में रोज 16 से 20 मरीजों के हो रहे मोतियाबिंद के ऑपरेशन
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I मौसम के शीत ऋतु में प्रवेश करते ही दून अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर दो गुनी हो गई है। जहां पूर्व के दिनों में अस्पताल में हर रोज आठ से 10 मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन होते थे। वहीं अब वह संख्या बढ़कर 16 से 20 पहुंच गई है। चिकित्सकों के मुताबिक आंखों का ऑपरेशन करवाने के लिए यह मौसम सबसे बेहतर माना जाता है।
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Iदून अस्पताल में इन दिनों में काला और सफेद मोतियाबिंद के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। शुक्रवार को दून अस्पताल में 16 मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए हैं। चिकित्सकों के मुताबिक प्रत्येक वर्ष ठंड के मौसम में मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाने वाले मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखने को मिलती है।
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Iकम उम्र के लोगों में भी बढ़ रहा मोतियाबिंद का खतरा
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Iदून अस्पताल के नेत्र सर्जन डॉ. सुशील ओझा बताते हैं कि सप्ताह में मोतियाबिंद के कम से कम दो मरीज ऐसे में भी सामने आ रहे हैं जिनकी उम्र करीब 30 वर्ष है। इतनी कम उम्र में मोतियाबिंद होना काफी चिंता का विषय है। इसके पीछे की मुख्य वजह अनियमित खान-पान है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ रहा है।
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I-ऑपरेशन के बाद मरीजों को बरतनी होंगी यह सावधानियां
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I1-आंख में डालने वाले ड्रॉप को खुले में न रखें
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I2- हाथ धोकर दवा डालें
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I3- अधिक से अधिक पानी पीते रहें।
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I4- ताजे खाद्य पदार्थों का सेवन करें
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Iअस्पताल में मोतियाबिंद के काफी मरीज देखने को मिल रहे हैं। लेजर विधि से मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इससे मरीजों की आंख में बहुत छोटा सा चीरा लगाकर ही ऑपरेशन हो जाता है। -डॉ. सुशील ओझा, नेत्र सर्जन दून अस्पतालI