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निरंजनपुर मंडी : जहां बनती थी जैविक खाद, वहां अब चल रही दुकान

Sat, 23 Sep 2023 12:37 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 23 Sep 2023 12:37 AM IST
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The machines used to make organic fertilizers are
2012 से मंडी समिति सड़े फल-सब्जियों से बनाती थी जैविक खाद, 2020 में बंद कर दिया प्लांट
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मंडी समिति ने निरंजपुर सब्जी मंडी में जैविक खाद बनाने के लिए वर्ष 2012 में प्लांट लगाया, लेकिन अब प्लांट की जगह दुकान चल रही है। जैविक खाद बनाने के लिए लगी मशीनें आज भी मंडी में कबाड़ के रूप में पड़ी हैं। मंडी अधिकारियों के अनुसार प्लांट संचालन में काफी खर्च आ रहा था, जबकि कमाई कम हो रही थी। इसके कारण प्लांट को बंद करना पड़ा।



दरअसल, मंडी में सड़े-गले फल, सब्जियों की मात्रा काफी अधिक होती है। रोज मंडी से सैकड़ाें क्विंटल सड़े, फल सब्जी निकलते हैं। मंडी की आय भी हो और इन सड़े-गले फल-सब्जियों का निस्तारण भी हो जाए, इसके लिए लाखों रुपये खर्च कर मंडी में 2012 में जैविक खाद बनाने का प्लांट लगाया गया।
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आठ साल तो किसी तरह से प्लांट का संचालन किया, लेकिन कोरोना काल में इसे बंद कर दिया गया। मंडी समिति के अधिकारियों के अनुसार बिजली बिल, कर्मचारियों का वेतन, मरम्मत में जितना खर्च हो रहा था, उसके हिसाब से मुनाफा नहीं हो रहा था। पांच रुपये किलो के हिसाब से जैविक खाद बिक रही थी। वह भी काफी कम मात्रा में, जिसके बाद प्लांट को बंद करना पड़ा। अब प्लांट की जगह को आढ़ती को दिया गया है। उसने वहां कोल्ड स्टोरेज बनाया है। इससे मंडी को अच्छा किराया मिल रहा है।
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प्लांट का संचालन इसलिए बंद करना पड़ा कि घाटा हो रहा था। जितना संचालन में खर्च हो रहा था, उसके हिसाब से आय नहीं हो रही थी। अब वह जगह आढ़ती को किराये पर दी गई है।



- अजय डबराल, निरीक्षक, मंडी समिति
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