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Dehradun News: केवल पॉजिटिव ग्रुप की चार ब्लड यूनिट के भरोसे चल रहा अस्पताल
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विकासगनर। उप जिला अस्पताल में ब्लड स्टोरज यूनिट में पर्याप्त खून नहीं है। केवल पॉजिटिव ब्लड ग्रुप की एक-एक यूनिट उपलब्ध है। मरीजों को एक से अधिक यूनिट या निगेटिव ब्लड ग्रुप की जरूरत पड़ने पर तीमारदारों को 45 किलोमीटर दूर देहरादून के सरकारी और निजी ब्लड बैंक की दौड़ लगानी पड़ रही है। इससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर खून नहीं मिल पा रहा है। वहीं, तीमारदारों को भी दिक्कत उठानी पड़ रही है।
उप जिला अस्पताल विकासनगर में ब्लड बैंक नहीं है। अस्पताल में एक ब्लड स्टोरेज यूनिट थी, लेकिन देहरादून स्थित ब्लड बैंक से खून की आपूर्ति न होने यूनिट बंद हो गई थी। अमर उजाला माई सिटी के 23 अगस्त 2023 के अंक में खून के लिए देहरादून की दौड लगा रहे मरीजों के तीमारदार शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। खबर प्रकाशित होने के बाद ब्लड स्टोरेज यूनिट फिर से खुल गई, लेकिन यूनिट खुलने का पूरा लाभ खून की जरूरत वाले मरीजों और घायलों को नहीं मिल रहा है।
विकासनगर पछवादून का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। यहां की दैनिक ओपीडी करीब 600 है। रोजाना 25 से 30 मरीज अस्पताल में भर्ती होते हैं। पांच से सात सामान्य और सिजेरियन प्रसव भी होते हैं। रोजाना एक से दो बड़े ऑपरेशन किए जाते हैं। सामान्य, सिजेरियन प्रसव, ऑपरेशन और दुर्घटना की स्थिति अधिक खून बहने से मरीज या घायल को ब्लड यूनिट चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। लेकिन अस्पताल में ए, बी, एबी और ओ के पॉजिटिव ब्लड ग्रुप की एक-एक यूनिट ही उपलब्ध है। निगेटिव ब्लड ग्रुप की एक भी यूनिट नहीं है। मरीजों के तीमारदारों को निगेटिव ब्लड यूनिट नहीं मिल पाती है। पॉजिटिव ब्लड ग्रुप की भी एक ही यूनिट मिलती है।
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उप जिला अस्पताल के डॉ. राजेंद्र शर्मा ने कहा कि ब्लड बैंक को पॉजिटिव और निगेटिव ब्लड ग्रुप की दो-दो यूनिट की डिमांड भेजी गई थी। अभी केवल पॉजिटिव ब्लड ग्रुप उपलब्ध हो पा रही है। सप्ताह में 14-15 यूनिट ब्लड की डिमांड रहती है।
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उप जिला अस्पताल विकासनगर में ब्लड बैंक नहीं है। अस्पताल में एक ब्लड स्टोरेज यूनिट थी, लेकिन देहरादून स्थित ब्लड बैंक से खून की आपूर्ति न होने यूनिट बंद हो गई थी। अमर उजाला माई सिटी के 23 अगस्त 2023 के अंक में खून के लिए देहरादून की दौड लगा रहे मरीजों के तीमारदार शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। खबर प्रकाशित होने के बाद ब्लड स्टोरेज यूनिट फिर से खुल गई, लेकिन यूनिट खुलने का पूरा लाभ खून की जरूरत वाले मरीजों और घायलों को नहीं मिल रहा है।
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विकासनगर पछवादून का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। यहां की दैनिक ओपीडी करीब 600 है। रोजाना 25 से 30 मरीज अस्पताल में भर्ती होते हैं। पांच से सात सामान्य और सिजेरियन प्रसव भी होते हैं। रोजाना एक से दो बड़े ऑपरेशन किए जाते हैं। सामान्य, सिजेरियन प्रसव, ऑपरेशन और दुर्घटना की स्थिति अधिक खून बहने से मरीज या घायल को ब्लड यूनिट चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। लेकिन अस्पताल में ए, बी, एबी और ओ के पॉजिटिव ब्लड ग्रुप की एक-एक यूनिट ही उपलब्ध है। निगेटिव ब्लड ग्रुप की एक भी यूनिट नहीं है। मरीजों के तीमारदारों को निगेटिव ब्लड यूनिट नहीं मिल पाती है। पॉजिटिव ब्लड ग्रुप की भी एक ही यूनिट मिलती है।
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उप जिला अस्पताल के डॉ. राजेंद्र शर्मा ने कहा कि ब्लड बैंक को पॉजिटिव और निगेटिव ब्लड ग्रुप की दो-दो यूनिट की डिमांड भेजी गई थी। अभी केवल पॉजिटिव ब्लड ग्रुप उपलब्ध हो पा रही है। सप्ताह में 14-15 यूनिट ब्लड की डिमांड रहती है।