जब कार में बैठते हैं द ग्रेट खली तो क्या होता है हाल
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वर्ल्ड चैंपियन रेसलर दलीप सिंह राणा (खली) की एक दिन की डाइट कितनी है? कितने नंबर का जूता पहनता है और यूनिफार्म का साइज क्या है? ऐसे ही तमाम सवाल खली के चाहने वालों के दिमाग में दौड़ते हैं।
खली कौन सी कार में और कैसे बैठता है, उनके चाहने वालों के मन में ये जिज्ञासा उठाना भी लाजमी है। हल्द्वानी में महाबली खली के ड्राइवर मोहित कुशवाहा ने अमर उजाला से बातचीत में खली के कार में उठने और बैठने की चर्चा की।
43 वर्षीय रेसलर खली का वजन 175 किलो यानी 347 पौंड और लंबाई सात फीट एक इंच यानी 2.16 मीटर है। ताकतवर शरीर होने से ही रिंग में रेसलरों को धूल चटाकर खली को व्लर्ड चैंपियन का खिताब मिला है। भारी भरकम शरीर के चलते खली को दैनिक दिनचर्या में कई व्यावहारिक दिक्कतों का भी सामना करना पड़ता है।
इन्हीं दिक्कतों में कार में सफर करना भी शामिल है। आमतौर पर खली की पर्सनल कार उनके शरीर के हिसाब से डिजाइन की गई है। पर्सनल कार छोड़कर जब दूसरी कारों में बैठते हैं तो बड़ी परेशानी झेलते हैं।
खुशी के मारे ड्राइवर की नींद और भूख ही गायब
रेसलिंग शो के लिए खली आजकल हल्द्वानी में हैं। शो 24 फरवरी को गौलापार अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में होगा, जिसमें दुनिया के कई नामी रेसलर रिंग में लड़ेंगे। शो के असली हीरो खली हैं और पिछले कई दिनों से हल्द्वानी में हैं।
हल्द्वानी में उनका ड्राइवर है लालकुआं को मोहित कुशवाहा। 25 वर्षीय मोहित एक ट्रेवल एजेंसी में ड्राइविंग करता है। वीआईपी ड्यूटी में इसी एजेंसी के वाहन हायर किए जाते हैं। मोहित बताता है महाबली खली को अपनी इनोवा कार में घूमाकर बहुत खुश है। खुशी के मारे उसकी नींद और भूख ही गायब है।
मोहित कुशवाहा बताते हैं, दो दिन से खली को अपनी कार में घूमा रहे हैं। खली को बैठाने के लिए कार की सीट में कोई परिवर्तन नहीं किया है। खली अगली सीट में बैठते हैं। बैठने से पहले सीट को पूरी तरह पीछे खींचकर एडजस्ट करते हैं। कार की अगली सीट पीछे की सीट से चिपक जाती है।
सीट पीछे करने के साथ ही उसे आधी झुका देते हैं। इसके बाद ही खली कार में खुद के शरीर को बचते बचाते बैठते हैं। बैठने (सीट में लेटने) में भी उनके पैर टकराते हैं। चढ़ते और उतरते वक्त बहुत परेशानी होती है। कार से उतरते वक्त मुश्किल और बढ़ जाती है।
आधी झुकी सीट से उठते वक्त शरीर की ताकत अधिक लगती है। ऐसे में खली के कार सीट के ऊपर लगे हैंडिल पकड़ते ही पूरी कार झोल मार जाती (एक तरफ झुक) है। सीट झुकाकर पैरों को मोड़ने के बाद बमुश्किल कार से नीचे उतरते हैं।