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Dehradun News: खादी ग्रामोद्योग की प्रदर्शनी में सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन
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Iमहिलाओं और हस्त कलाकारों को प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रही है खादी प्रदर्शनीI
खादी ग्रामोद्योग द्वारा सात दिवसीय राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन रेसकार्स स्थित श्रीगुरुनानक पब्लिक इंटर कालेज में स्कूल में किया जा रहा है। प्रदर्शनी में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही देशभर के हस्त कलाकारों के उत्पादों को देखने और खरीदने लोग पहुंच रहे हैं।
रविवार की शाम धुमशु जनजाति एवं सामाजिक संस्था की ओर से ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत खादी मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें महासू महाराज की वंदना के बाद जौनसार बावर का पारंपरिक तांदी नृत्यों की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। लोकगायक सुरेश वर्मा ने एकल नॉन स्टॉप जौनसारी गीत और कृषि पर आधारित गीत ‘चाल बोलो जाखधार की सेरी...’ की प्रस्तुति दी। लोकगायक अरविंद राणा ने मुंह से ढोल की आवाज की प्रस्तुति से दर्शक काफी उत्साहित हुए। मुख्य कलाकार शांति वर्मा, अरविंद राणा, निकेश, गजेंद्र, रमेश, कैलाश, रिंकू, तनु, दीक्षा, ममता आर्य आदि कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति देकर सबका मन मोह लिया।
Iबिक रही बांस-बबूल से बनी सामग्रीI
संस्था स्वामी विवेकानंद फाउंडेशन की ओर से देहरादून जिले के दूरस्थ जनजातीय क्षेत्र के कंबुआ कालसी में महिलाओं को बांस व बबूल से बनी सजावट की सामग्री, घरेलू आवश्यकता के सामान जैसे बांस की टोकरी, हाटकेस, फलों की टोकरी, फूलदान, बांस के परदे, बांस की दरी, हाथ से बने सांस्कृतिक चित्र, सांस्कृतिक फोटो फ्रेम अन्य उत्पादों को बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में महिलाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।
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खादी ग्रामोद्योग द्वारा सात दिवसीय राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन रेसकार्स स्थित श्रीगुरुनानक पब्लिक इंटर कालेज में स्कूल में किया जा रहा है। प्रदर्शनी में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही देशभर के हस्त कलाकारों के उत्पादों को देखने और खरीदने लोग पहुंच रहे हैं।
रविवार की शाम धुमशु जनजाति एवं सामाजिक संस्था की ओर से ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत खादी मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें महासू महाराज की वंदना के बाद जौनसार बावर का पारंपरिक तांदी नृत्यों की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। लोकगायक सुरेश वर्मा ने एकल नॉन स्टॉप जौनसारी गीत और कृषि पर आधारित गीत ‘चाल बोलो जाखधार की सेरी...’ की प्रस्तुति दी। लोकगायक अरविंद राणा ने मुंह से ढोल की आवाज की प्रस्तुति से दर्शक काफी उत्साहित हुए। मुख्य कलाकार शांति वर्मा, अरविंद राणा, निकेश, गजेंद्र, रमेश, कैलाश, रिंकू, तनु, दीक्षा, ममता आर्य आदि कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति देकर सबका मन मोह लिया।
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Iबिक रही बांस-बबूल से बनी सामग्रीI
संस्था स्वामी विवेकानंद फाउंडेशन की ओर से देहरादून जिले के दूरस्थ जनजातीय क्षेत्र के कंबुआ कालसी में महिलाओं को बांस व बबूल से बनी सजावट की सामग्री, घरेलू आवश्यकता के सामान जैसे बांस की टोकरी, हाटकेस, फलों की टोकरी, फूलदान, बांस के परदे, बांस की दरी, हाथ से बने सांस्कृतिक चित्र, सांस्कृतिक फोटो फ्रेम अन्य उत्पादों को बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में महिलाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।
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