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स्मार्ट पुलिसिंग को आसान बनाता है क्राइमैक पोर्टल : एसएसपी
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Iक्राइम मल्टी एजेंसी सेंटर (क्राइमैक) से अलर्ट हो जाती हैं विभिन्न एजेंसीI
स्मार्ट पुलिसिंग करने के लिए अब तक का सबसे आसान तरीका क्राइम मल्टी एजेंसी सेंटर (क्राइमैक) है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के इस पोर्टल पर किसी भी अपराध की जानकारी अपलोड करते ही देश में हुए मिलते-जुलते अपराध की जानकारी मिल जाती है। इससे अपराध को समझने के साथ-साथ अपराधियों को पकड़ने में आसानी होती है। क्राइमैक पोर्टल के बारे में एसएसपी अजय सिंह ने भी पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी। कहा कि इसका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।
एसएसपी ने मंगलवार को जिले की पहली क्राइम मीटिंग की थी। यह मीटिंग पूरी तरह से स्मार्ट पुलिसिंग पर आधारित रही। इसका प्रमुख केंद्र केंद्रीय गृह मंत्रालय का क्राइमैक पोर्टल रहा। यह पोर्टल वर्ष 2020 में लॉन्च किया गया था। इस पर किसी भी क्षेत्र में होने वाले अपराध की जानकारी अपलोड की जाती है। इसके बाद पता चल जाता है कि इस तरह का अपराध हाल के दिनों में कहां-कहां घटित हुआ। किस तरह से अपराधी पकड़े गए। ऐसे में देहरादून पुलिस भी यदि इस पोर्टल में जानकारी अपलोड करेगी तो भविष्य में क्राइम कंट्रोल में आसानी होगी।
इसके बाद एसएसपी ने नफीस सॉफ्टवेयर नेशनल (नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आईडेंटिफिकेशन सिस्टम) के बारे में जानकारी दी। इस सॉफ्टवेयर पर संदिग्धों और अपराधियों के फिंगर प्रिंट्स का डाटा बेस तैयार किया जाता है। इसके अलावा उन्होंने सभी थाना क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरा की गुगल मैपिंग का काम जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए। सभी थानों को ई-एफआईआर का शत प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
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Iपिट एनडीपीएस की विवेचना के लिए 10 दरोगा को कार्यालय बुलायाI
पिट एनडीपीएस एक्ट में नशा तस्करों को विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। इस पर प्रभावी काम के लिए एसएसपी ने विभिन्न थानों से दस विवेचना अधिकारियों को कार्यालय संबंद्ध किया है। साथ ही नशा तस्करों की अर्जित संपत्ति का ब्योरा भी जुटाने के निर्देश इन अधिकारियों को दिए।
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स्मार्ट पुलिसिंग करने के लिए अब तक का सबसे आसान तरीका क्राइम मल्टी एजेंसी सेंटर (क्राइमैक) है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के इस पोर्टल पर किसी भी अपराध की जानकारी अपलोड करते ही देश में हुए मिलते-जुलते अपराध की जानकारी मिल जाती है। इससे अपराध को समझने के साथ-साथ अपराधियों को पकड़ने में आसानी होती है। क्राइमैक पोर्टल के बारे में एसएसपी अजय सिंह ने भी पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी। कहा कि इसका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।
एसएसपी ने मंगलवार को जिले की पहली क्राइम मीटिंग की थी। यह मीटिंग पूरी तरह से स्मार्ट पुलिसिंग पर आधारित रही। इसका प्रमुख केंद्र केंद्रीय गृह मंत्रालय का क्राइमैक पोर्टल रहा। यह पोर्टल वर्ष 2020 में लॉन्च किया गया था। इस पर किसी भी क्षेत्र में होने वाले अपराध की जानकारी अपलोड की जाती है। इसके बाद पता चल जाता है कि इस तरह का अपराध हाल के दिनों में कहां-कहां घटित हुआ। किस तरह से अपराधी पकड़े गए। ऐसे में देहरादून पुलिस भी यदि इस पोर्टल में जानकारी अपलोड करेगी तो भविष्य में क्राइम कंट्रोल में आसानी होगी।
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इसके बाद एसएसपी ने नफीस सॉफ्टवेयर नेशनल (नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आईडेंटिफिकेशन सिस्टम) के बारे में जानकारी दी। इस सॉफ्टवेयर पर संदिग्धों और अपराधियों के फिंगर प्रिंट्स का डाटा बेस तैयार किया जाता है। इसके अलावा उन्होंने सभी थाना क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरा की गुगल मैपिंग का काम जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए। सभी थानों को ई-एफआईआर का शत प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
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Iपिट एनडीपीएस की विवेचना के लिए 10 दरोगा को कार्यालय बुलायाI
पिट एनडीपीएस एक्ट में नशा तस्करों को विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। इस पर प्रभावी काम के लिए एसएसपी ने विभिन्न थानों से दस विवेचना अधिकारियों को कार्यालय संबंद्ध किया है। साथ ही नशा तस्करों की अर्जित संपत्ति का ब्योरा भी जुटाने के निर्देश इन अधिकारियों को दिए।