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Dehradun News: आंदोलनकारियों ने फैसले को बताया देर आया राहत लाया

Sat, 16 Mar 2024 01:19 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 16 Mar 2024 01:19 AM IST
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The agitators said the decision came late and

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राज्य आंदोलनकारी मंच ने फैसले पर जताया न्यायालय का आभार







रामपुर तिराहा गोलीकांड में 30 साल बाद आए अदालत के फैसले को आंदोलनकारियों ने देर आया दुरुस्त आया बताया है। राज्य आंदोलनकारी मंच ने इस फैसले पर न्यायालय का आभार प्रकट किया है। हालांकि, अभी दो आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। सजा का फैसला 18 मार्च को आना है।



राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदीप कुकरेती ने कहा कि वह न्यायालय के इस फैसले का स्वागत करते हुए आभार प्रकट करते हैं। प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन नेगी ने कहा कि आंदोलनकारी पिछले 30 वर्षों से प्रत्येक दो अक्तूबर को काला दिवस के रूप में मानते हैं। इसके साथ ही न्याय यात्रा भी निकाली जाती है। अब 30 साल बाद आए इस फैसले से उन सभी राज्य आंदोलनकारी व शहीद परिवारों को अवश्य राहत मिली है। प्रदीप कुकरेती ने इस मौके पर शहीद रविंद्र रावत के माता पिता को भी याद किया। उन्होंने कहा कि आज शहीद रविंद्र रावत के माता पिता जीवित नहीं हैं। पिछले वर्ष ही उनकी माता का देहांत हो गया था।
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शकुन्तला नेगी व सुलोचना भट्ट ने न्यायालय के फैसले पर आभार प्रकट करते हुए कहा कि देर आया लेकिन राज्य आंदोलनकारियों के लिए राहत लेकर आया। आखिर 30 वर्षों का इंतजार कम नहीं होता। इस फैसले से शहीद आत्माओं को अवश्य शांति मिलेगी। उधर, उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष और चिह्नित आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप ने फैसले को देर आया दुरुस्त आया बताया। उन्होंने कहा इस फैसले के आने में 30 साल का समय लग गया और अभी इस फैसले को लेकर मुजरिम ठहराए गए हैं। दोनों ऊपरी अदालतों में भी जाएंगे उसमें भी देर हो सकती है। लेकिन जिस तरह से जैसा भी आज फैसला आया है उससे कम से कुछ दोषी तो समाज के सामने आए हैं। -------
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ट्रिपल इंजिन सरकार अदालत की कार्रवाई तेज कराए : प्रताप



कांग्रेस नेता धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि भारत की न्याय प्रक्रिया इतनी ढीली है कि उसमें न्याय मिलने में देर हो जाती है। यही नहीं कई बार निर्दोष लोग भी मुकदमा झेलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि जैसा भी है इस फैसले से लोगों का न्यायपालिका में विश्वास बढ़ा है लेकिन जो लोग इस दुखद कांड में मारे गए उन पर गोलियां चलाने वालों को भी सजा मिलनी चाहिए इसका अभी भी उत्तराखंड के लोगों को इंतजार रहेगा। उन्होंने ट्रिपल इंजन का दावा करने वाली भारत सरकार उत्तराखंड सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के नेताओं से इन दोषियों को भी सजा दिलाए जाने हेतु अदालत की कार्रवाई तेज करने की मांग करते हुए देश के कानून में आमूल चूल परिवर्तन करे। ताकि, लोगों को न्याय जल्द मिल सके।








देर से मिला न्याय न्याय नहीं होता : जुगरान



आंदोलनकारी व भाजपा नेता रविंद्र जुगरान ने कहा कि देर से मिला न्याय न्याय की श्रेणी में नहीं आता है। मैं इस घटना का प्रत्यक्षदर्शी रहा हूं। मेरे साथ उस वक्त जो उम्रदराज पीड़ित लोग थे उनमें से बहुत से लोग अब इस दुनिया में नहीं हैं। मैंने इस मामले को 2018 में उच्च न्यायालय इलाहाबाद में उठाया था। उस वक्त मैंने मांग की थी कि इस मुकदमे की कार्यवाही को तेज किया जाए। उनकी अपील पर हाईकोर्ट ने भी मुजफ्फरनगर कोर्ट से सारे दस्तावेज तलब किए थे।
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