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थराली विधानसभा उपचुनाव: यहां भाजपा को मिली छोटे अंतर की ‘बड़ी’ जीत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 01 Jun 2018 09:38 AM IST
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bjp wins tharali
- फोटो : amar ujala
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प्रचंड बहुमत वाली भाजपा को थराली विधानसभा उपचुनाव में अपने कब्जे वाली सीट बचाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा है। वह यहां जीती जरूर है, लेकिन डेढ़ साल में उसकी बढ़त आधी रह गई, जबकि सहानुभूूति की लहर उसके पक्ष में थी। प्रदेश में उसके सियासी प्रभाव के हिसाब से भाजपा की यह जीत बड़ी नहीं मानी जा रही, मगर जब इसे देशभर में हुए उपचुनाव के नतीजों की कसौटी पर परखते हैं तो छोटे अंतर की यह ‘बड़ी’ जीत हो जाती है।
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बृहस्पतिवार को 10 विधानसभा उपचुनाव के नतीजे खुले, जिसमें भाजपा को सिर्फ थराली विधानसभा में ही जीत नसीब हुई। उपचुनाव के प्रतिकूल नतीजों से असहज पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को प्रदेश संगठन और मुख्यमंत्री ने कुछ ‘सुकून’ महसूस करने की वजह तो दे ही दी है। भाजपा ने वर्ष 2017 में यही सीट 4,858 वोटों से जीती थी। तब पार्टी के मगनलाल शाह को 25931 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के डॉ. जीत राम 21073 वोटों तक सीमित रह गए थे। भाजपा की जीत का यह अंतर तब था, जब उसके एक बागी गुड्डूलाल ने 7089 वोट प्राप्त किए थे। मगर डेढ़ साल में भाजपा की जीत का यह अंतर तकरीबन आधा रह गया है। भाजपा ने यह उपचुनाव 1981 वोटों के अंतर से जीता।
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सियासी जानकारों की मानें तो जीत को भाजपा बेशक प्रदेश सरकार के कामकाज से जोड़ कर देख रही है, जीत की बढ़त का घटना कहीं न कहीं उसके मलाल की एक वजह भी है। ये स्थिति उस सूरत में है जब पूरे चुनाव के दौरान आधा दर्जन विधायकों ने वहां डेरा जमाए रखा। मुख्यमंत्री को कई जनसभाएं और प्रचार करना पड़ा। प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट को एक हफ्ते वहां डेरा डालना और सरकार के तकरीबन सभी मंत्रियों को वहां के बार बार चक्कर लगाने पड़े। सहानुभूति की लहर पार्टी के पक्ष में थी। मजबूत सांगठनिक नेटवर्क और प्रदेश में सरकार होने की मनोवैज्ञानिक बढ़त का जो फायदा नतीजों में दिखना चाहिए था, वह नदारद रहा।
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भाजपा को सिर्फ उत्तराखंड की थराली विधानसभा में जीत मिली
अजय भट्ट
अलबत्ता राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में यह जीत इस लिहाज बड़ी जरूर हो जाती है, जब विधानसभा के उपचुनाव में भाजपा हर जगह हार गई है। देश भर में 10 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा को सिर्फ उत्तराखंड की थराली विधानसभा में जीत मिली है। इस लिहाज से यह जीत छोटे अंतर के बावजूद ‘बड़ी’ और ‘खास’ बन गई है।
जीत तो जीत होती है। अंतर कम और ज्यादा से कोई फर्क नहीं पड़ता है। हमारे लिए यह बहुत बड़ी जीत है।
- अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
जीत तो जीत है। मार्जन कम होने की वजह कम मतदान है। इन दिनों थराली क्षेत्र के लोग औषधीय जड़ी बूटी की खोज में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में चले जाते हैं। इसलिए कम वोटिंग हुई। लेकिन यह जीत हमारे लिए उत्साह बढ़ाने वाली जीत है।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री
जीत तो जीत होती है। अंतर कम और ज्यादा से कोई फर्क नहीं पड़ता है। हमारे लिए यह बहुत बड़ी जीत है।
- अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
जीत तो जीत है। मार्जन कम होने की वजह कम मतदान है। इन दिनों थराली क्षेत्र के लोग औषधीय जड़ी बूटी की खोज में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में चले जाते हैं। इसलिए कम वोटिंग हुई। लेकिन यह जीत हमारे लिए उत्साह बढ़ाने वाली जीत है।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री