हरिद्वार: तो भेल कारखाने में आसानी से घुस सकते हैं आतंकी, सीआईएसएफ की कार्यशैली पर उठे सवाल
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उत्तराखंड के भेल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले कारखाने के अंदर सीपीयू की टीम बिना अनुमति की घुस जाती है और सीआईएसएफ देखती रह जाती है। ऐसे में सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लाजमी है। जबकि देश के अंदर अभी तक कई ऐसी आतंकी घटनाएं घट चुकी है जिसमें आतंकवादी पुलिस व सेना की वर्दी पहने थे।
भेल कारखाने में एक आम नागरिक का बिना अनुमति के प्रवेश करना सीधे सीधे अपराध की श्रेणी में आता है। भेल की गिनती देश की नामी कंपनियों में होती है। इसलिए इसकी सुरक्षा का जिम्मा सीआईएसएफ पर है। बृहस्पतिवार को जिस तरह से सीपीयू के जवान बिना रोकटो के कारखाने के अंदर घुस गए उससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। सीधे सीधे सीआईएसएफ की लापरवाही उजागर हुई है।
यह लापरवाही भी तब बरती गई जब भेल कारखाने में ही केंद्रीय मंत्री और भेल के सीएमडी मौजूद थे। ऐसे में समय में कारखाने की सुरक्षा को लेकर सीआईएसएफ को ज्यादा सजग होना चाहिए था। सीपीयू की टीम दनदनाते हुए अंदर घुसी और ऐसे ही बाहर निकलने लगे थे।
सीआईएसएफ ने उन्हें रोकने की कोशिश तक भी नहीं की। ऐसे में तो भेल के अंदर कोई भी पुलिस की वर्दी पहनकर प्रवेश कर जाएगा। यही सवाल जब भेल कर्मियों वहां मौजूद सीआईएसएफ के जवानों से किया तो उनके पास कोई जवाब नहीं था।
ये था पूरा मामला
बिना हेलमेट पहने बाइक सवार भेल कर्मी का पीछा करना सिटी पेट्रोल यूनिट (सीपीयू) की टीम को भारी पड़ गया। सीपीयू के जवान अपनी बुलेट से भेल कर्मी का पीछा करते हुए कारखाने के अंदर घुस गए। कारखाने के अंदर घुसे सीपीयू के साथ भेल कर्मियों की जमकर नोकझोंक हुई और इसके बाद उनको बंधक बना लिया।
सूचना पर पहुंचे भेल के अधिकारियों ने सीपीयू कर्मियों को जैसे तैसे करके छुड़वाया। इसके बाद रानीपुर पुलिस मौके पर पहुंची और सीपीयू टीम व उनकी बाइक बहार लाई। खास बात यह है कि जब यह घटनाक्रम हुआ तब केंद्रीय मंत्री भारी उद्योग अनंत गीते और भेल के सीएमडी अतुल सोबत कारखाने के अंदर मौजूद थे।
जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह साढ़े आठ हरिद्वार भेल मध्य मार्ग पर सीपीयू चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाइक में सवार होकर आ रहे भेलकर्मी को सीपीयू ने रोकना चाह तो वह रुका नहीं। भेलकर्मी फाउंड्री गेट से होते हुए अंदर घुस गया। पीछा कर रहे सीपीयू के दारोगा कैलाश शर्मा व कांस्टेबल अपनी बुलेट के साथ अंदर घुस गए। वह भेलकर्मी को पकड़ नहीं पाए। जब वह मेनगेट से बाहर निकलने लगे तब उन्हें भेलकर्मियों ने रोक लिया।
भेलकर्मियों ने कारखाने के अंदर घुस आने के सवाल पर सीपीयू को खरी खरी सुनाई। जब सीपीयू ने अपनी बुलेट निकालनी चाही तो भेलकर्मियों ने रोक ली और जमकर नोंकझोंक हुई। सीपीयू की टीम को बंधक बनाने की सूचना पर भेल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कर्मचारियों को समझा बुझाकर उनको छुड़वाया। वहीं सूचना मिलने पर एसएसआई राकेश कुमार भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। भेल अधिकारियों से वार्ता के बाद सीपीयू की टीम को कैंपस से बाहर निकाला गया। एसएसआई राकेश कुमार ने बताया कि विवाद निपट गया।