फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Termites ate 3000 Books in haridwar library

लाखों की लाइब्रेरी में हजारों किताबों को खा गई दीमक, सामने आई ये बड़ी वजह

Thu, 07 Feb 2019 08:46 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal हिमांशु भट्ट/अमर उजाला, हरिद्वार
हिमांशु भट्ट/अमर उजाला, हरिद्वार Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 07 Feb 2019 08:46 AM IST
विज्ञापन
Termites ate 3000 Books in haridwar library
termites

सिर्फ इस वजह से लाखों की लाइब्रेरी में हजारों किताबों को दीमक चट कर गई। जिला मुख्यालय स्थित सार्वजनिक पुस्तकालय की तीन हजार किताबों पर दीमक लग गया है। लाखों की लागत से बने पुस्तकालय की देखरेख के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती नहीं होने से लकड़ी की अलमारियों को भी दीमक ने चट कर दिया है। 

विज्ञापन


मायापुर स्थित भल्ला इंटर कॉलेज में सार्वजनिक पुस्तकालय खोला जाना था, लेकिन वर्ष 2009 में  रोशनाबाद स्थित मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में लाखों रुपये की लागत से पुस्तकालय के लिए भवन का निर्माण कराया गया। वर्ष 2011 में पुस्तकालय के लिए फर्नीचर की व्यवस्था की गई। 

विज्ञापन

Termites ate 3000 Books in haridwar library
हरिद्वार लाइब्रेरी में रखी किताबें

2012 में देहरादून निदेशालय से पुस्तकालय के लिए कुछ पुस्तकें भेजी गई। इसके बाद भी समय समय पर पुस्तकें आती रहीं, लेकिन पुस्तकालय की देखरेख के लिए पुस्तकालयाध्यक्ष आदि के पद सृजित नहीं किए गए। जिस कारण मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को ही पुस्तकालय की देखरेख का कार्यभार सौंप दिया गया।

शिक्षा विभाग का ही कार्य अधिक होने के कारण कर्मचारी पुस्तकालय को समय नहीं पा रहे हैं। जिस करण पुस्तकालय देखरेख के अभाव में खस्ताहाल है। वर्तमान में पुस्तकालय में पर्यावरण, विज्ञान, दर्शन, गणित, उपन्यास, कहानी, धार्मिक सहित विभिन्न विषयों की 3 हजार 11 पुस्तकें हैं। 
 

Termites ate 3000 Books in haridwar library
पुस्तकालय

शहर से 14 किलोमीटर दूर है पुस्तकालय 
रोशनाबाद स्थित पुस्तकालय हरिद्वार शहर से लगभग 14 किलोमीटर दूर है। अधिकांश स्कूल और कालेज भी हरिद्वार शहर के आसपास ही हैं। शहर से दूर होने के कारण एक भी पाठक पुस्तकालय नहीं जाता और सुनसान पड़ा रहता है।

मानकों के अनुरूप पुस्तकालय के लिए पुस्तकालय अध्यक्ष एवं अन्य कर्मचारियों के पद सृजित नहीं किए गए हैं। जिस कारण देखरेख नहीं हो पाती। पुस्तकालय का ठीक प्रकार से संचालन के लिए पदों को सृजित किया जाना चाहिए।  
- डा. आरडी शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी, हरिद्वार

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed