हरीश रावत के खिलाफ कैबिनेट में बगावत के सुर
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20 अक्तूबर को केदारनाथ में हुई विशेष कैबिनेट में निवर्तमान मुख्य सचिव सुभाष कुमार की विदाई तो हुई लेकिन नया मुख्य सचिव कौन होगा, इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने कैबिनेट के सदस्यों के बीच चुप्पी साध ली। जबकि एक मंत्री ने इस संबंध में पूछा भी था।
24 घंटे में नए सीएस की घोषणा, पुराने की सेवानिवृत्ति का फैसला और नए की ताजपोशी भी हो गई। गुपचुप लिए गए इस महत्वपूर्ण फैसले को लेकर कुछ मंत्री नाराज हैं।
एक वरिष्ठ मंत्री ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से बाकायदा मिलकर नाराजगी भी जताई है। मंत्रियों का कहना है कि मुख्य सचिव का फैसला मुख्यमंत्री का अधिकार है लेकिन वरिष्ठ मंत्रियों से विचार-विमर्श और विश्वास में तो लिया ही जाना चाहिए था।
सूत्रों की मानें तो एक सप्ताह पहले केंद्र से एन रविशंकर की विदाई के बाद ही सीएम ने उन्हें अगला मुख्य सचिव बनाने का फैसला कर लिया था। इसकी भनक दौड़ में खुद को आगे मान रहे अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा को भी नहीं लगी।
'वन मैन शो की तरह चला रहे सरकार'
केदारनाथ की कैबिनेट में भी एक मंत्री ने राकेश शर्मा का नाम लिया लेकिन सीएम खामोश रहे। एक अन्य वरिष्ठ मंत्री का कहना है कि सरकार को वन मैन शो की तरह चलाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।
कहा कि जब कैबिनेट में सुभाष कुमार को विदाई दी जा सकती थी तो नए सीएस का नाम भी बताया या चर्चा की जा सकती थी। यह फैसला ऐसा भी कोई गोपनीय नहीं था कि कुछ घंटे में कोई आफत आ जाती। फैसला लेने के बाद भी टेलीफोन पर ही नए सीएस की जानकारी कैबिनेट के सहयोगियों को दी जा सकती थी।
बोले सीएम, कुछ गलत नहीं
एन रविशंकर वरिष्ठता के क्रम में आगे थे। लिहाजा सरकार ने उन्हें प्रदेश के मुख्य सचिव की जिम्मेदारी सौंपी है।
-हरीश रावत, मुख्यमंत्री