अच्छी खबर: दिल्ली से देहरादून के बीच भी चलेगी तेजस एक्सप्रेस, रेल मंत्री ने दी सैद्धांतिक मंजूरी
- मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के प्रस्ताव पर रेल मंत्री पियूष गोयल ने दी सैद्धांतिक मंजूरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली से देहरादून के बीच हाई स्पीड तेजस ट्रेन चलेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को नई दिल्ली में रेल मंत्री पीयूष गोयल को इसका प्रस्ताव दिया। रेल मंत्री ने प्रस्ताव पर सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है।
रेल मंत्री ने हरिद्वार कुंभ के लिए प्रयागराज की तर्ज पर विशेष रेल व्यवस्था शुरू करने का आश्वासन भी दिया। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उत्तराखंड की रेल परियोजनाओं के लिए बजट की कमी नहीं आने दी जाएगी।
दिल्ली से देहरादून के बीच तेजस ट्रेन पाथवे उपलब्ध होते ही शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर काम तेजी से हो रहा है। ढाई वर्ष में श्रीनगर गढ़वाल तक रेल पहुंचा दी जाएगी।
कुंभ मेले के लिए देहरादून और हरिद्वार स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। इसके साथ दून रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण इस वर्ष नवंबर तक हो जाएगा। बैठक में रेल मंत्रालय और उत्तराखंड के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
कर्णप्रयाग रेल परियोजना में तेजी
मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री को बताया कि 126 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के लिए वन भूमि परिवर्तन को मंजूरी मिल गई है। 167 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण हो गया है। परियोजना के लिए जियो टेक्निकल इंवेस्टिगेशन भी पूरा कर लिया है। एक आरयूबी (रोड अंडर ब्रिज) एवं एक आरओबी (रोड ओवर ब्रिज) तैयार हो चुका है।
दून-हरिद्वार के बीच डबल रेल लाइन
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार-देहरादून के मध्य डबल रेल लाइन का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश में भारी माल लादने व उतारने और कंटेनरों से लदे रेल वैगनों के रुकने के लिए एक रेल कंटेनर डिपो स्थापित किया जाना चाहिए। देहरादून व ऋषिकेश स्टेशन के बीच सीधी रेल सेवा उपलब्ध कराने के लिए लक्सर की भांति रायवाला स्टेशन से पहले डाइवर्जन लाइन का निर्माण भी होना चाहिए।
तीन नई रेल लाइनों की रखी मांग
मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से लालकुंआ-खटीमा, टनकपुर-बागेश्वर और काशीपुर-धामपुर में नई रेल लाइनें स्वीकृत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि तीनों रेल लाइनों का पर्वतीय क्षेत्र के विकास और सामरिक दृष्टि से काफी महत्व है। उन्होंने लालकुआं- शक्तिफार्म- सितारगंज- खटीमा रेल परियोजना निर्माण के लिए शत प्रतिशत फंडिंग की मांग केंद्र से की।